मध्यप्रदेश में तबादला प्रक्रिया पर बड़ा अपडेट, 1.5 लाख शिक्षकों में सिर्फ 11.5 हजार आवेदन
भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग की स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए आवेदन की अंतिम तिथि शुक्रवार की शाम को समाप्त हो गई। प्रदेश के पात्र करीब डेढ़ लाख शिक्षकों में से केवल साढ़े 11 हजार शिक्षकों ने स्वैच्छिक तबादले के लिए आवेदन किया है। सबसे अधिक आवेदन भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों के लिए प्राप्त हुए हैं। लेकिन शहरों क्षेत्रों में पदों की संख्या बहुत कम है। इस वर्ष आवेदन संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम रही ह। इसकी वजह नई स्थानांतरण नीति और पात्रता संबंधी कड़े प्रावधान है। पिछले साल 35 हजार आवेदन हुए थे, जबकि आज शुक्रवार तक 11.5 हजार आवेदन आए हैं। विभाग अब प्रशासनिक और स्वैच्छिक स्थानांतरण के आदेश 28 से 30 जून के बीच जारी करेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने लगाई हाईकोर्ट में केविएट
स्कूल शिक्षा विभाग मंगलवार से स्वैच्छिक तबादला आदेश जारी करने जा रहा है। इससे पहले ही शुक्रवार को विभाग ने हाईकोर्ट में केविएट दायर कर दिया, ताकि शिक्षक कोर्ट तक ना पहुंचे। इससे प्रदेश के 1.5 लाख शिक्षकों की उन उम्मीदों पर झटका लगा, जो नीति के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचने की तैयारी कर चुके थे।
बता दें कि लोक शिक्षण संचालनालय ने विभागीय स्थानांतरण नीति-2026 के तहत संभावित कानूनी विवादों को देखते हुए कैविएट सूचना जारी की है। चूंकि प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक आधार पर स्थानांतरण आदेश 28 से 30 जून के बीच जारी होने हैं। इसलिए विभाग को आशंका है कि तबादलों के बाद कई कर्मचारी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में न्यायालय विभाग का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम आदेश जारी न करे, इसके लिए पहले से ही कैविएट दायर कर दिया है।
तबादला नीति का विरोध कर रहे हैं शिक्षक
बता दें कि स्वैच्छिक तबादला नीति को लेकर प्रदेशभर में शिक्षकों के एक वर्ग ने विरोध दर्ज कराया था। इसके बावजूद विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया जारी रखी और अब आदेश जारी करने से पहले कानूनी मोर्चे पर भी तैयारी पूरी कर ली है।