MP के 370 सांदीपनि स्कूलों में बड़ा बदलाव, अब मशीनों से बनेगा बच्चों का मध्यान्ह भोजन
भोपाल। मध्य प्रदेश में संचालित हो रहे 370 सांदीपनि स्कूलों के बच्चों के लिए अब मध्यान्ह भोजन गैस सिलेंडर के बजाय आधुनिक इलेक्ट्रिक किचन पर तैयार होगा। इसे बनाते समय पूरी तर हाइजैनिक और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मप्र पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की इकाई प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण संस्था इस किचन का संचालन करेगी। इसके लिए स्कूलों में अत्याधुनिक मशीनें और इलेक्ट्रिक किचन सेटअप किए जा रहे हैं, जिससे हजारों बच्चों का भोजन एक साथ और बेहद सुरक्षित माहौल में तैयार हो सकेगा।
बता दें कि प्रदेश से सांदापनि स्कूल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर संचालित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों में अब बच्चों का लंच बनते समय पूरी तरह हाइजीन और स्वच्छता का ध्यान रखा जाएगा। इस नई व्यवस्था में भोजन पकाने के लिए पारंपरिक गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाएगा। पूरा भोजन बिजली से चलने वाले अत्याधुनिक उपकरणों इलेक्ट्रिक किचन में तैयार होगा, जिससे हादसे की गुंजाइश न के बराबर होगी। इस किचन में आटा गूंथने, रोटियां बनाने, सब्जी काटने और खाना पकाने तक का अधिकतम काम मशीनों के जरिए होगा। इससे खाने की शुद्धता और हाइजीन का स्तर बेहद ऊंचा रहेगा।
प्राइमरी-मिडिल स्कूलों को मर्ज करने से बढ़ गए बच्चे
बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार, शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 27 नए सांदीपनि स्कूल में तीन किमी रेंज में स्थित प्रदेश के 264 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का विलय कर दिया है। इससे लगभग 25 हजार बच्चे सांदीपनि में मर्ज हो चुके हैं। ऐसे में छोटे स्कूलों के जुड़ने से यहां छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है। चूंकि कक्षा 1 से 8 के बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया जाता है। इसलिए हजारों बच्चों के लिए एक साथ, कम समय में और साफ-सुथरा भोजन तैयार करने के लिए ऑटोमैटिक मशीनों के साथ तैयार इलेक्ट्रिक किचन से बच्चों को स्वस्थ और जाता खाना मिलेगा। सबसे अधिक विलय बालाघाट जिले के लगभग 62 स्कूलों का हुआ है।
इनका कहना है..
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण संस्था भोपाल के राज्य समन्वयक अवि प्रसाद का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सांदीपनि स्कूलों में आसपास के प्राइमरी- मीडिल स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है। इससे छात्रों की संख्या बढ़ रही है। समय की बचत करने के लिए सांदीपनि स्कूलों में अत्याधुनिक मशीनों के साथ इलेक्ट्रिक किचन स्थापित किया जाएगा। इससे एक बार में ही हजारों बच्चों का खाना मशीनों से तैयार होगा, जोकि पूरी तरह हाइजैनिक और शुद्ध होगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।