MP में बढ़ रहा मोटापा, 5 साल में महिलाओं में 34% से ज्यादा बढ़ी समस्या, हर 5वीं महिला ओवरवेट
भोपाल। मध्य प्रदेश में मोटापा और बढ़ता वजन अब एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य में महिलाओं और पुरुषों दोनों में ओवरवेट और मोटापे की समस्या बढ़ी है। सबसे अधिक चिंता महिलाओं को लेकर है, जिनमें यह समस्या 34 प्रतिशत से अ धिक बढ़ी है। NFHS के आंकड़ों के मुताबिक, 15-49 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में ओवरवेट या मोटापे की दर 16.6 प्रतिशत से बढ़कर 22.2 प्रतिशत हो गई है। वहीं पुरुषों में यह आंकड़ा 15.6 प्रतिशत से बढ़कर 17.6 प्रतिशत पहुंच गया है।
हर पांचवीं महिला ओवरवेट या मोटापे की शिकार
रिपोर्ट बताती है कि अब मध्य प्रदेश में लगभग हर पांचवीं महिला ओवरवेट या मोटापे की श्रेणी में आती है। विशेषज्ञों के अनुसार शहरीकरण, शारीरिक गतिविधियों में कमी, जंक फूड का बढ़ता चलन और बदलती जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं। महिलाओं में 16.6 प्रतिशत से 22.2 प्रतिशत तक पहुंचने का मतलब है कि पांच वर्षों में इस समस्या में लगभग 33.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।
पुरुषों में भी बढ़ रहा वजन
हालांकि पुरुषों में वृद्धि महिलाओं की तुलना में कम है, लेकिन आंकड़े संकेत देते हैं कि समस्या लगातार बढ़ रही है। पुरुषों में ओवरवेट या मोटापे की दर 15.6 प्रतिशत से बढ़कर 17.6 प्रतिशत हो गई है। यह लगभग 12.8 प्रतिशत की वृद्धि है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बैठकर काम करना, व्यायाम की कमी और असंतुलित खानपान पुरुषों में बढ़ते वजन के प्रमुख कारण हैं।
मोटापा बढ़ने से बढ़ता है कई बीमारियों का खतरा
चिकित्सकों के अनुसार मोटापा केवल वजन बढ़ने तक सीमित समस्या नहीं है। इससे कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है, जिनमें शामिल हैं
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टाइप-2 डायबिटीज
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उच्च रक्तचाप
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हृदय रोग
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स्ट्रोक
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फैटी लिवर
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जोड़ों की समस्याएं
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कुछ प्रकार के कैंसर
विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापे में वृद्धि और राज्य में बढ़ रहे हाई ब्लड शुगर के मामलों के बीच सीधा संबंध देखा जा सकता है।
शहरी क्षेत्रों में ज्यादा असर
NFHS के पिछले रुझान बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में मोटापा अपेक्षाकृत अधिक पाया जाता है। हालांकि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि खानपान और जीवनशैली में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से दूरी और नियमित स्वास्थ्य जांच की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस प्रवृत्ति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश में डायबिटीज और हृदय रोगों का बोझ और बढ़ सकता है।