मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण मामले में हाईकोर्ट में

MP में ओबीसी आरक्षण पर जल्द फैसला संभव, हाईकोर्ट की सुनवाई से मिले संकेत

मध्यप्रदेश में लंबे समय से चल रहा ओबीसी आरक्षण विवाद अब सुलझने की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। उच्च न्यायालय में हुई हालिया सुनवाई के बाद संकेत मिले हैं कि इस मामले में अगले दो माह के भीतर अंतिम निर्णय आ सकता है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष इस प्रकरण पर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने तेजी दिखाते हुए मामले को प्राथमिकता पर लिया।

सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा के बाद बढ़ी रफ्तार

दरअसल, इस मामले को लेकर पहले से ही लंबा इंतजार चल रहा है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय समयसीमा के बाद अब हाईकोर्ट ने सुनवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। सोमवार की सुनवाई में जिस तेजी से पक्षों की दलीलें सुनी गईं, उससे यह संभावना मजबूत हुई है कि अभ्यर्थियों को जल्द राहत मिल सकती है।

अनावश्यक देरी पर कोर्ट सख्त

सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार-बार दायर की जा रही हस्तक्षेप याचिकाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कोर्ट ने कहा कि-सभी पक्षों को अंतिम सुनवाई में पूरा अवसर दिया जाएगा, लेकिन केवल सुनवाई टालने के उद्देश्य से दायर आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा

अभ्यर्थियों को फैसले का इंतजार

ओबीसी आरक्षण को लेकर राज्य में लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित रही हैं। ऐसे में लाखों अभ्यर्थियों की नजर अब कोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है। यदि तय समय में फैसला आता है, तो इससे न केवल भर्ती प्रक्रिया को गति मिलेगी, बल्कि लंबे समय से लंबित विवाद भी समाप्त हो सकता है।