ई-अटेंडेंस पर सख्त हुआ शिक्षा विभाग, वेतन नहीं काटने वाले प्राचार्यों पर निलंबन की चेतावनी
भोपाल। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने 90 फीसदी से कम ई-अटेंन्डेंस लगाने वाले शिक्षकों के वेतन काटने में ढिलाई ना बरतने को कहा। अगर वेतन कटौती कार्यवाही नहीं की, तो प्राचार्यों को निलंबित कर दिया जाएगा। अगर इसकी रिपोर्ट डीपीआई को जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक ने नहीं भेजा, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि आयुक्त सिंह ने सोशल मीडिया में 90 प्रतिशत से कम ई- अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षक निलंबित होने वाली खबर को भ्रामक बताया है। आयुक्त ने जारी आदेश में स्पष्ट किया कि ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों के वेेतन की कटौती नहीं करने की सिफारिश करने वाले संकुल प्राचार्यों का निलंबन किया जायेगा। बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग में 3.5 लाख शिक्षकों और करीन एक लाख कर्मियों- अधिकारियों के लिए ई- अटेंन्डेंस अनिवार्य कर दिया गया है।
आज रिपोर्ट नहीं भेजी, तो कार्रवाई तय
आयुक्त ने संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि लापरवाह संकुल प्राचार्यों पर कार्रवाई कर उसकी जानकारी संचालनालय को भेजें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि इस आदेश का पालन समय सीमा में नहीं होता है, तो संबंधित संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आज से 90 नहीं, 100 फीसदी चाहिए उपस्थिति
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को डीपीआई आयुक्त सिंह ने जब ई- अटेंडेंस की समीक्षा की, तो 90 प्रतिशत शिक्षकों ने ही उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 100 फीसदी उपस्थिति देने को कहा गया था। इसके बाद आयुक्त ने नया आदेश जारी कर कहा कि बुधवार से 100 फीसदी उपस्थिति नहीं मिली, तो संकुल प्राचार्य निलंबित होंगे। संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी इस आदेश में निर्देशित किया कि एक जुलाई से सभी 100 फीसदी शिक्षकों, विभागीय कर्मियों- अधिकारियों को ई-अटेंडेंस लगाना अनिवार्य है। जो शिक्षक या कर्मचारी ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं, उसका वेतन काटा जाये। इस नियम का पालन शिक्षक, अतिथि शिक्षक सहित शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी सभी को करना होगा।
मिली जानकारी के अनुसार
उन्होंने कहा कि निर्देश देने के बावजूद ई-अटेंडेंस पर शिक्षकों की उपस्थिति 90 प्रतिशत है, यानि 10 प्रतिशत शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस निर्देश का पालन नहीं किया, जो शासन के निर्देशों का उल्लंघन है। इसलिए ऐसे संकुल प्राचार्य के विरुद्ध निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।