भोपाल साइबर पुलिस ने किया है गिरफ्तार,   कांग्रेस

वसुंधरा राजे के फर्जी वायरल पत्र के मामले में आईटी सेल के पदाधिकारी गिरफ्तार

 प्रमोद दुबे

भोपालः मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी के आईटी सेल से जुड़े हुए पदाधिकारीयों द्वारा राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के संबंध में जारी फर्जी वायरल पत्र मामले को लेकर मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के आईटी सेल के कई पदाधिकारी को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के अनुसार उक्त तैयार किया गया फर्जी वायरल पत्र मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी के  आईटी सेल के द्वारा ही बनाया गया था। इस संबंध में गिरफ्तारी होने के बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के द्वारा इस गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए मामला हाई कोर्ट में दायर करने के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के विरुद्ध आंदोलन की चेतावनी दी गई है। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी का कहना है कि इस तरह के फर्जी पत्र जारी करने की कांग्रेस पार्टी के लोगों की परंपरा रही है। इस तरह के कृत्य पर गिरफ्तारी होना स्वाभाविक है।

 महिला आरक्षण को लेकर वसुंधरा राजे के फर्जी पत्र को किया गया था वायरल 

लोकसभा में नारी शक्ति बंधन अधिनियम अर्थात महिला आरक्षण बिल गिर जाने के के बाद इस तरह का पत्र राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के संबंध में वायरल किया गया था जिसकी रचना मध्य प्रदेश आईटी सेल के कुछ पदाधिकारी द्वारा की गई। वायरल किए गए पत्र में लिखा था कि - अगर नियत साफ है तो आरक्षण सीधे और पारदर्शी तरीके से क्यों नहीं दिया जा रहा। पत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत से भी प्रश्न करते हुए लिखा गया था कि इस पूरे मुद्दे पर आपका मोन किस रूप से देखा जाए ? स्वीकृति या वैचारिक असमंजस ? पत्र में कहा गया था कि पार्टी अपनी पहचान एवं संस्कार और राष्ट्र धर्म से हटकर सता लोभ और राजनीतिक बदनियत से जुड़ती हुई दिखाई दे रही है। इसके अलावा महिला सम्मान के मुद्दे पर संसद में दिए जाने वाले भाषणों को औपचारिकता और पाखंड बताया गया है। कुल मिलाकर वसुंधरा राजे द्वारा जारी कथित इस पत्र में भाजपा पर ही प्रहार किया गया था। इस मामले में जब तूल पकड़ा और जब मामले की जांच प्रारंभ हुई तो यह मामला मध्य प्रदेश तक जा पहुंचा। 19 एवं 20 अप्रैल को इस मामले में कांग्रेस पार्टी के आईटी सेल के लगभग आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया जिसमें से चार लोगों को पूछताछ के बाद रिहा करने के साथ ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

 वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी है -वसुंधरा राजे 

इस संबंध में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया स्वयं सामने आई और उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लिखा कि साच को आच की जरूरत नहीं है। वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी मात्र है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयास का में नहीं देश की हर महिला स्वागत कर रही है।  मान लीजिए की नारी शक्ति बंधन अधिनियम का विरोध करने वाले ऐसे लोग चौथी बार भी विपक्ष में बैठने की तैयारी कर चुके हैं।ऐसे लोग चाय जितना ब्रह्म फैलाए, बघाए उत्पन्न करें ,देश की नारी शक्ति न रुकी है और न रुकेगी।

 गिरफ्तारी के खिलाफ हाई कोर्ट से लेकर सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस  

उपरोक्त मामले में जब 48 घंटे से अधिक का समय बीत गया और कांग्रेस पार्टी के लोगों को एवं पदाधिकारी को इस मामले में जानकारी प्राप्त हुई तो उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी अवैध है। कांग्रेस की प्रवक्ता अभिनव ने युक्त मामले में कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में चल रही षड्यंत्र को उजागर करने की सच्चाई को दबाना गलत है। उन्होंने सवाल किया कि जब वही पत्र लाखों लोगों ने साझा किया है तो मध्य प्रदेश से गिरफ्तारी क्यों की गई। आईटी सेल के पदाधिकारी की गिरफ्तारी के विरोध में हरीश चौधरी ने लिखा है कि हमारे कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भारतीय जनता पार्टी को भारी पड़ेगी। यह सप्ताह का दुरुपयोग है, उपरोक्त मामले में कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तंखा ने कहा कि इस मामले में आज दोपहर को हम हाई कोर्ट की शरण में जाएंगे।

 प्रमोद दुबे