मध्य प्रदेश कैबिनेट ने लाखों परिवारों को जमीन के र

MP के 46 लाख परिवारों को मिलेगा मालिकाना दस्तावेज, यूनिफॉर्म से लेकर किसानों तक मोहन सरकार के बड़े फैसले

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कैबिनेट बैठक हुई। इसमें राज्य सरकार ने ऐसे फैसलों पर मुहर लगाई है जिनका असर सीधे गांवों, स्कूलों और किसानों तक पहुंचने वाला है। सबसे बड़ा फैसला उन परिवारों के लिए है जो वर्षों से अपनी आबादी वाली जमीन पर रह रहे हैं, लेकिन उनके पास पंजीकृत दस्तावेज नहीं थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वामित्व योजना को नया विस्तार देने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की यूनिफॉर्म व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।

बैठक के दौरान कृषि, शिक्षा, पशुपालन और प्रशासनिक सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार ने कुछ योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ नई व्यवस्थाओं का भी संकेत दिया है।

जमीन पर मालिकाना हक को मिलेगी कानूनी मजबूती

प्रदेश में ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे के जरिए जिन संपत्तियों की पहचान की गई थी, अब उनके मालिकों को पंजीकृत दस्तावेज भी दिए जाएंगे। सरकार के अनुसार 55 जिलों में करीब 48.80 लाख निजी और लगभग 19 लाख सरकारी संपत्तियों का चिह्नांकन किया जा चुका है। इस प्रक्रिया में लगने वाला पंजीयन शुल्क और पंचायत उपकर हितग्राहियों से नहीं लिया जाएगा। इसका खर्च सरकार उठाएगी। इस पर लगभग 3800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि रजिस्ट्री होने के बाद लोगों को बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाएं हासिल करने में आसानी होगी।

स्कूलों में बदलेगी यूनिफॉर्म व्यवस्था

सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब सीधे सिली हुई यूनिफॉर्म मिलेगी। अभी तक छात्रों के खातों में डीबीटी के जरिए 600 रुपए भेजे जाते थे, लेकिन कई स्तरों पर मिली शिकायतों के बाद व्यवस्था बदली गई है। नई प्रणाली के तहत कपड़े की खरीद टेंडर प्रक्रिया से होगी और तय मानकों के अनुसार यूनिफॉर्म तैयार कर छात्रों तक पहुंचाई जाएगी। सरकार इससे पहले साइकिल वितरण मॉडल में भी बदलाव कर चुकी है।

यूसीसी और गेहूं खरीदी पर सरकार का फोकस

कैबिनेट बैठक में गेहूं खरीदी की समीक्षा भी की गई। सरकार ने दावा किया कि इस साल देश में सबसे ज्यादा गेहूं की खरीद मध्य प्रदेश में हुई है। समान नागरिक संहिता को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार की ओर से बताया गया कि सुझाव जुटाने की प्रक्रिया जारी है और इसे 30 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

विधायकों के आवास को लेकर मंजूरी

भोपाल स्थित पुराने विधायक विश्राम गृह परिसर के पुनर्निर्माण के चलते वहां रह रहे विधायकों के लिए अंतरिम व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। निर्माण कार्य पूरा होने तक 27 विधायकों को निजी मकान किराए पर लेने के लिए 40 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। इस फैसले से राज्य सरकार पर सालाना लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

पशुपालकों और किसानों के लिए नई पहल

राज्य में दूध उत्पादन बढ़कर 11 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। इसी के साथ पशुपालकों को मौसम, पशु स्वास्थ्य और आहार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए गोरस मोबाइल एप लॉन्च किया गया है। बैठक में किसानों की एक पुरानी समस्या भी उठी। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने तालाबों और खेतों से निकाली जाने वाली मिट्टी के परिवहन में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं का मुद्दा रखा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस विषय पर व्यावहारिक समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों और ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

सौर ऊर्जा और जल संरक्षण पर भी जोर

सरकार ने बताया कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक चार लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। लक्ष्य इसे बढ़ाकर छह लाख घरों तक पहुंचाने का है। वहीं, जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत दो लाख से अधिक जल संरचनाओं पर काम पूरा किया जा चुका है। सरकार इसे ग्रामीण जल संरक्षण और भूजल सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रही है।