मध्य प्रदेश ATS की जांच में पाकिस्तान और अफगानिस्त

सुरक्षा एजेंसियों की जांच में पाकिस्तान कनेक्शन का बड़ा खुलासा, ATS की कार्रवाई अब कई राज्यों तक पहुंची

MP News

भोपाल। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, धार और हरियाणा तक फैली जांच ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों का फोकस डिजिटल नेटवर्क पर ला दिया है। देश विरोधी गतिविधियों के आरोपों की जांच कर रही मध्य प्रदेश ATS ने धार से हाजी अजहर को गिरफ्तार किया है। इससे पहले भोपाल से मोहम्मद फराज और नईम अब्दुल्ला को पकड़ा जा चुका है, जबकि हरियाणा के नूंह से एक संदिग्ध को पूछताछ के लिए भोपाल लाया गया है।

सुरक्षा एजेंसियों की जांच आगे बढ़ने के साथ ही नए डिजिटल सुराग सामने आ रहे हैं। एजेंसियों का मानना है कि मामला सिर्फ कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं हो सकता। शुरुआती पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच के बाद नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुई हैं। सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब उन संपर्कों पर है, जिनके जरिए कथित तौर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा था। इसी वजह से जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

डिजिटल जांच से मिले नए सुराग

ATS को आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ विदेशी नंबरों से संपर्क के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि इन संपर्कों की प्रकृति क्या थी और इनके जरिए किस तरह की जानकारी साझा की जा रही थी।

तस्वीरों और वीडियो की जांच के केंद्र में

जांच में यह बात भी सामने आई है कि उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों से जुड़े फोटो और वीडियो कथित तौर पर विदेश भेजे गए थे। एजेंसियां अब इन डिजिटल फाइलों की प्रकृति, उनके कंटेंट और संभावित उद्देश्य की पड़ताल कर रही हैं। इसी आधार पर पूरे मामले को बड़े नेटवर्क के नजरिए से देखा जा रहा है।

विदेशी संपर्कों के लिए इस्तेमाल हुआ ऐप

जांच अधिकारियों के अनुसार मोहम्मद फराज के मोबाइल से ऐसे डिजिटल संकेत मिले हैं, जिनसे विदेशी संपर्कों के लिए एक विशेष ऐप के उपयोग की आशंका बनी है। चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि ये संपर्क कितने समय से सक्रिय थे।

कई राज्यों तक फैला जांच का दायरा

अब तक की जांच में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के बीच संपर्कों के संकेत मिले हैं। ATS को आशंका है कि कथित नेटवर्क का विस्तार इससे भी बड़ा हो सकता है। इसी वजह से विभिन्न राज्यों में जुड़े लोगों और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा रही है।

आर्थिक लेनदेन भी जांच के घेरे में

डिजिटल साक्ष्यों के साथ-साथ पैसों के लेनदेन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। बैंकिंग रिकॉर्ड, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, सोशल मीडिया गतिविधियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान मिले नए तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। फिलहाल एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।