मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में नकली नोटों का

मालवा-निमाड़ में फैल रहा नकली नोटों का नेटवर्क, 20 हजार असली देकर मिलते थे 1 लाख के जाली नोट

इंदौर से आगर मालवा तक फैला फर्जी करेंसी का खेल

मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में नकली नोटों का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। इंदौर, धार, खंडवा, बड़वानी, आगर मालवा और आसपास के जिलों में बीते कुछ महीनों में नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने वाले कई मामलों का खुलासा हुआ है। हालांकि, शुरुआती कार्रवाई के बाद अधिकांश मामलों की जांच धीमी पड़ गई, जिससे पूरे नेटवर्क पर सवाल उठ रहे हैं।

20 हजार असली दो, 1 लाख के नकली नोट लो

जांच में सामने आया है कि गिरोह एक लाख रुपये के नकली नोट देने के बदले करीब 20 हजार रुपये असली मुद्रा वसूलता था। लालच में कई लोग इस गिरोह के झांसे में आ जाते थे और बाद में यही नकली नोट बाजार में खपाए जाते थे। पुलिस के मुताबिक ग्रामीण और छोटे शहरों को इस नेटवर्क ने अपना प्रमुख निशाना बनाया।

सांवेर रोड पर मिले थे 2.83 करोड़ के संदिग्ध नोट

7 मई 2026 को इंदौर के सांवेर-उज्जैन रोड पर तीन लावारिस बैग मिले थे, जिनमें 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी थीं। जांच में पता चला कि कुछ नोट असली थे, जबकि बाकी नकली और बीच में रंगीन कागज रखे गए थे। कुल राशि करीब 2.83 करोड़ रुपये आंकी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन दो महीने बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल सका।

व्यापारी की शिकायत भी ठंडे बस्ते में

सांवेर थाने में एक कारोबारी ने 10 मई को 2.50 लाख रुपये की नकली नोटों से ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि आर्थिक लाभ का झांसा देकर आरोपी ने नकली नोट थमा दिए। पीड़ित का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने न तो उसके बयान लिए और न ही मामले में गंभीर जांच आगे बढ़ाई।

इंदौर में पकड़ा गया था नकली नोट छापने वाला गिरोह

26 जून 2026 को इंदौर के गांधी नगर इलाके में पुलिस ने संजय वैष्णव, दीपक पटेल और रवि प्रताप को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से नकली नोट छापने का पूरा सेटअप बरामद हुआ था। जांच में पता चला कि गिरोह पहले भी इंदौर के मूसाखेड़ी इलाके में नकली नोट छापने का अड्डा संचालित कर चुका था।

खंडवा, धार और बड़वानी तक फैला नेटवर्क

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यही गिरोह खंडवा, धार और बड़वानी तक नकली नोट पहुंचा रहा था। खंडवा में पांच लाख रुपये से अधिक के जाली नोट खपाने की बात सामने आई, जबकि धार के एक युवक ने लाखों रुपये के नकली नोट खरीदकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई करने की बात स्वीकार की। बड़वानी के अंजड़ में भी एक महिला को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था।

आगर मालवा में प्रिंटर समेत आरोपी गिरफ्तार

2 जुलाई 2026 को आगर मालवा के नलखेड़ा में पुलिस ने 57 हजार रुपये से अधिक के नकली नोट और रंगीन प्रिंटर बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिए कि प्रदेश में केवल नकली नोट खपाने ही नहीं, बल्कि उन्हें तैयार करने का नेटवर्क भी सक्रिय है।

बड़े नेटवर्क की आशंका, लेकिन जांच की रफ्तार धीमी

लगातार हो रहे खुलासों के बावजूद पुलिस अब तक पूरे नेटवर्क की जड़ों तक नहीं पहुंच सकी है। कई मामलों में शुरुआती कार्रवाई के बाद जांच की गति धीमी पड़ गई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मालवा-निमाड़ में सक्रिय इस फर्जी करेंसी सिंडिकेट के पीछे कौन लोग हैं और पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कब तक कानून के शिकंजे में आएगा।