वक्फ कानून-2026 लागू करने वाला पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, क्या बोले मंत्री विश्वास सारंग
भोपाल। मध्य प्रदेश में वक्फ कानून-2026 के तहत नए वक्फ बोर्ड के गठन के बाद राज्य की राजनीति में इसकी चर्चा तेज हो गई है। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश इस कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नवगठित वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि यह फैसला लंबे समय में सकारात्मक परिणाम देगा। उनके मुताबिक नया कानून व्यापक विचार-विमर्श और संवैधानिक प्रक्रिया के बाद लागू किया गया है तथा इसका उद्देश्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
वक्फ बोर्ड को केवल धार्मिक संस्था मानना सही नहीं
विश्वास सारंग ने कहा कि वक्फ बोर्ड का दायरा केवल मस्जिदों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार बोर्ड कई तरह की वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन से जुड़ा होता है। ऐसे में इस विषय को सिर्फ धार्मिक नजरिए से देखना उचित नहीं होगा, क्योंकि इसकी भूमिका प्रशासनिक और संपत्ति प्रबंधन से भी संबंधित है।
गैर-मुस्लिम सदस्यों को लेकर उठे सवालों पर जवाब
वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की भागीदारी को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि मस्जिद कमेटी और वक्फ बोर्ड अलग-अलग संस्थाएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड का गठन कानून के प्रावधानों के तहत होता है और इसकी जिम्मेदारियां केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं हैं। इसलिए इस मुद्दे को धर्म के चश्मे से देखना उचित नहीं है।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना
मंत्री सारंग ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ कानून संसद के दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा और संवैधानिक प्रक्रिया के बाद पारित हुआ है। उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान की रक्षा की बात करते हैं, वही अब संविधान के तहत बने कानून का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि कानून लागू होने के बाद उसका विरोध करना विरोधाभासी है।
सरकार ने बताए कानून लागू करने के उद्देश्य
मंत्री के अनुसार सरकार का लक्ष्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि नए कानूनी ढांचे के तहत वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी और इससे संबंधित संस्थाओं के साथ-साथ समाज को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।