सिंगरौली डकैती के बाद सख्ती: अब हर सप्ताह होगी बैंकों की सुरक्षा जांच
भोपाल: मध्य प्रदेश में हाल ही में सिंगरौली में हुई दिनदहाड़े बैंक डकैती की घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। इस घटना ने राज्य की बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संभावित खतरे को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों की प्रति सप्ताह सुरक्षा जांच अनिवार्य की गई है।
पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों और भोपाल-इंदौर संभाग के पुलिस आयुक्तों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र में संचालित हर बैंक की साप्ताहिक सुरक्षा ऑडिट हो। यह जांच संबंधित थाना स्तर पर की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर निगरानी मजबूत हो सके।
किन-किन सुरक्षा मानकों की होगी जांच
नई व्यवस्था के तहत बैंकों में सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। इसमें प्रमुख रूप से—
- बैंक परिसर में लगे CCTV कैमरों की गुणवत्ता और कवरेज एरिया
- बैंक के अंदर और बाहर की निगरानी व्यवस्था
- इमरजेंसी अलार्म सिस्टम की कार्यक्षमता
- सुरक्षा एजेंसियों और गार्ड्स की सक्रियता
- बैंक परिसर की संवेदनशीलता के अनुसार सुरक्षा प्रोटोकॉल
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि बैंक खुलने से पहले प्रतिदिन अलार्म सिस्टम की जांच की जाए। इसके साथ ही समय-समय पर पुलिस द्वारा मॉक ड्रिल भी कराई जाएगी, ताकि किसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी मजबूत रहे।
बैंक कर्मचारियों से भी ली जाएगी राय
पुलिस मुख्यालय ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से फीडबैक लिया जाए। इससे जमीनी स्तर पर मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा सकेगा।
जांच की कमी पर उठे सवाल
इसी बीच राजधानी भोपाल के कोटरा सुल्तानाबाद स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एक ब्रांच मैनेजर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वर्ष 2023 के बाद से अब तक किसी प्रकार की औपचारिक सुरक्षा जांच नहीं हुई है। अन्य बैंक कर्मचारियों का भी कहना है कि पुलिस की नियमित जांच शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लंबे समय से नहीं हो रही थी।
उनके अनुसार, बाजार क्षेत्रों में स्थित बैंकों में पुलिसकर्मियों की आवाजाही जरूर रहती है, लेकिन सुरक्षा ऑडिट के दृष्टिकोण से कोई ठोस निरीक्षण नहीं किया जाता। वहीं, दूरदराज या सुनसान इलाकों में स्थित बैंकों में तो पुलिस की मौजूदगी और भी कम देखने को मिलती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी जिम्मेदारी
सिंगरौली की घटना के बाद अब प्रदेश में बैंक सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। पुलिस मुख्यालय के इस फैसले को सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नियमित जांच से न केवल खामियों की पहचान होगी, बल्कि संभावित आपराधिक घटनाओं को भी रोका जा सकेगा।