लखनऊ में एटीएस ने चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार

लखनऊ में बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा, हिंदू रक्षा दल कार्यालय और मॉल थे निशाने पर

लखनऊ (उत्तर प्रदेश): राजधानी लखनऊ में एटीएस की कार्रवाई के बाद चार संदिग्ध आतंकियों से जुड़े एक बड़े साजिश के खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में कई संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की योजना तैयार की थी।

चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी

एटीएस ने 2 अप्रैल को लखनऊ से मेरठ निवासी साकिब, अरबाब, लोकेश और विकास को गिरफ्तार किया था। इन सभी पर पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों की साजिश रचने का आरोप है।

मोबाइल से मिले अहम सबूत

जांच के दौरान मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लोकेशन शेयरिंग के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं से खुलासा हुआ कि आरोपियों ने गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित हिंदू रक्षा दल कार्यालय और राजनगर एक्सटेंशन के दिल्ली-6 मॉल को विस्फोट और आगजनी के लिए टारगेट किया था। एजेंसियों के मुताबिक, इन स्थानों की रेकी कर वीडियो और फोटो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे।

कई जगहों की रेकी का खुलासा

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अलीगढ़ के एक कार शोरूम और गाजियाबाद में सड़क किनारे खड़े ट्रकों की भी रेकी की थी। इन स्थानों पर आगजनी की योजना बनाई जा रही थी। एटीएस के अनुसार आरोपी एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े थे, जिसमें विदेशी हैंडलर्स भी शामिल थे। इस नेटवर्क के जरिए उन्हें निर्देश दिए जा रहे थे और लोकेशन आधारित टारगेट तय किए जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 24 पर्चे भी बरामद हुए हैं, जिनमें हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं में संदेश लिखा था कि वे अपने मिशन से पीछे नहीं हटेंगे। पर्चों में आगे और बड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।

आर्थिक लेन-देन का खुलासा

जांच में यह भी पता चला है कि रेकी के बदले आरोपियों को करीब 13 हजार रुपये दिए गए थे। यह रकम क्यूआर कोड के जरिए ट्रांसफर की गई थी और एक आरोपी ने इसे अपने परिजन के खाते में मंगवाया था।