लखनऊ में लाइब्रेरी में आग लगते ही मची भगदड़, जान बचाने को खिड़कियों से कूदे छात्र
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक लाइब्रेरी सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में धुआं और आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालात ऐसे बने कि कई छात्रों को जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगानी पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ छात्र खिड़कियों और तारों के सहारे नीचे उतरे, जबकि कई ने सीधे छलांग लगा दी। इस दौरान कई छात्र घायल हो गए। एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हुआ, जो नीचे लगी लोहे की नुकीली ग्रिल पर गिर गया।
धुएं ने बढ़ाई सबसे बड़ी मुश्किल
आग लगने के बाद पूरे भवन में तेजी से धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों के लिए सांस लेना और बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शुरुआती कुछ मिनट सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहे। कई छात्र खिड़कियों पर पहुंचकर मदद के लिए आवाज लगाते दिखाई दिए।
जान बचाने के लिए उठाना पड़ा बड़ा जोखिम
हालात बिगड़ते देख कई छात्रों ने पहली मंजिल से कूदने का फैसला किया। कुछ छात्र बिजली और इंटरनेट के तारों को पकड़कर नीचे उतरते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 20 से 25 मिनट तक अंदर फंसे छात्रों को निकालने के लिए स्थानीय लोग खुद बचाव में जुटे रहे। इस दौरान नीचे खड़े लोगों ने शीशे तोड़कर भी रास्ता बनाने की कोशिश की।
एक छात्र की हालत गंभीर
घटना में सबसे गंभीर रूप से घायल युवक वह बताया जा रहा है, जो आग से बचने के लिए ऊपर से कूदा लेकिन नीचे लगी लोहे की नोकदार ग्रिल पर जा गिरा। हादसे में ग्रिल उसके पेट में घुस गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। अन्य घायल छात्रों को भी उपचार के लिए भेजा गया है। कुछ की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
दमकल और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुट गए। आग किस वजह से लगी, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
सीएम योगी ने मांगी त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने तथा घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने को कहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर नजर बनाए रखने और किसी भी तरह की लापरवाही न होने देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अग्नि सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों और कोचिंग-लाइब्रेरी परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घनी आबादी वाले इलाकों में संचालित ऐसे केंद्रों में आपातकालीन निकास, फायर सेफ्टी सिस्टम और नियमित सुरक्षा जांच कितनी प्रभावी है, इस पर अब चर्चा तेज होने की संभावना है।