एलपीजी और नेचुरल गैस की कमी से भोपाल, मंडीदीप और द

LPG सिलेंडरों की कमी: ताले डलने की स्थिति में गोविंदपुरा और मंडीदीप के 500 उद्योग

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भोपाल। ईरान- इजराइल युद्ध के चलते एलपीजी सिलेंडरों और नेचुरल गैस की भारी कमी से गोविंदपुरा, देवास और मंडीदीप की लगभग 500 से अधिक लघु और मध्यम उद्योगों जूझ रहे हैं। इस संबंध में तीनों क्षेत्र के उद्योगपतियों ने अपने जिलों के कलेक्टर से मदद मांगी। कलेक्टरों ने जल्द ही समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है। 

बता दें कि भोपाल शहर के बीच गोविंदपुरा, रायसेन जिले के मंडीदीप तथा देवास के औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 500 से अधिक मध्यम और लघु फूड प्रोसेसिंग, धातु प्रसंस्करण और फेब्रिकेशन उद्योग है। यहां रोजाना एलपीजी व्यावसायिक सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है। उद्योपतियों के अनुसार गैस सिलंडरन नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

फार्मा, इंजीनियरिंग और पैकेजिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उत्पादन 40 प्रतिशत गिर गया है।  उद्योपतियों ने बताया कि सबसे गंभीर स्थिति कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर उद्योगों की है, जहां सप्लाई ठप होने से भोपाल के गोविंदपुरा और मंडीदीप स्थित फूड प्रोसेसिंग, धातु प्रसंस्करण और फेब्रिकेशन की करीब 500 से 600 इकाइयां बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं।

इनका कहना है..

गोविंदपुरा उद्योग संघ, भोपाल के अध्यक्ष विजय गौड़ के अनुसार,  यदि अगले 3-4 दिनों में गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो स्टॉक खत्म होते ही गोविंदपुरा की लगभग 100 इकाईयों में ताले लग जाएंगे, जिससे हजारों श्रमिकों के रोजगार पर भी संकट मंडरा सकता है। इस समस्या को लेकर हम कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह से मिले। उन्होंने जल्द ही समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है। 

मंडीदीप और अशोक खंडेलिया अध्यक्ष देवास विकास मुंद्रा ने कहा गैस की कमी और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से मशीनें अपनी क्षमता से बेहद कम स्तर पर चल रही हैं। अधिकतर उद्योगों में सिलेंडर नहीं होने से बंद करने की नौबत आ गई है। 

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने कहा कि गोविंदपुरा के उद्योगपतियों ने एलपीजी व्यवसायिक सिलेंडरों की कमी को लेकर उत्पादन प्रभावित होने की जानकारी मिली है। हम इस समस्या का निराकरण जल्द करेंगे।