खंडवा में अतिक्रमण हटाने गई वन टीम पर हमला, 8 जवान घायल; अब पुलिस सुरक्षा की मांग तेज
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के गुड़ी रेंज स्थित आमा खुजरी जंगल में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर रविवार को हिंसक हमला हो गया। वनकर्मियों का आरोप है कि बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पहले महिलाओं को आगे किया और फिर पीछे से गोफन व लाठियों से हमला शुरू कर दिया। इस हमले में आठ वनकर्मी घायल हो गए।
घटना ने जंगलों में अतिक्रमण हटाने के दौरान सरकारी अमले की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल कर्मचारियों का कहना है कि हमले के बाद काफी देर तक उन्हें मदद नहीं मिली। अब विभाग दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।
अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर अचानक हमला
बारिश के बाद वन भूमि पर फसल बोने की तैयारी की सूचना मिलने पर करीब 40 सदस्यीय वन विभाग की टीम रविवार दोपहर कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी। वनकर्मियों के अनुसार इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। आरोप है कि महिलाओं को आगे खड़ा कर कार्रवाई रोकने की कोशिश की गई और पीछे मौजूद लोगों ने गोफन से पत्थर बरसाने के साथ लाठियों से हमला कर दिया।
फ्लाइंग स्क्वॉड के 8 जवान घायल
हमले में ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी सहित आठ वनकर्मी घायल हुए। सभी विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड का हिस्सा हैं, जिसे जंगलों में अतिक्रमण रोकने के लिए तैनात किया गया है। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मदद में देरी का आरोप
घायल कर्मचारियों ने दावा किया कि घटना के बाद करीब दो घंटे तक पुलिस और एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। उनका कहना है कि यदि समय पर सहायता मिलती तो हालात को जल्दी नियंत्रित किया जा सकता था। इस घटना के बाद वन अमले ने जंगलों में अभियान के दौरान स्थायी पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
पहचान शुरू होने के साथ कार्रवाई की तैयारी
वन विभाग ने हमले में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है। गुड़ी रेंजर नरेंद्र पटेल ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने और कर्मचारियों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।