इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद अब प

इंदौर के रघुवंशी परिवार में गम के बीच खुशियों की वापसी: घर में गूंजी किलकारी, बेटे का नाम रखा ‘राजा’

Indore Raja Raghuwanshi news

इंदौरः मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर में पिछले कुछ महीनों से एक नाम राजा रघुवंशी लगातार चर्चा में रहा। एक चर्चित हनीमून हत्याकांड और उसके बाद शोक में डूबा परिवार। लेकिन अब उसी घर में एक ऐसी खबर आई है, जिसने माहौल को कुछ देर के लिए बदल दिया है।

रविवार को रघुवंशी परिवार में एक बेटे का जन्म हुआ है। यह खुशखबरी राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर आई है। कई महीनों से बेटे की मौत के गम में डूबा परिवार अब इस नई किलकारी के साथ भावुक भी है, और राहत महसूस करता हुआ भी दिख रहा है।

गम के बीच आई नई खुशी

करीब 8-9 महीने पहले हुए हादसे के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया था। घर का माहौल भारी था, हर बातचीत में राजा का जिक्र आता था। लेकिन अब उसी घर में एक नवजात के रोने की आवाज गूंजी है। परिवार के सदस्य इस बच्चे को “राजा” कहकर पुकार रहे हैं। उनका मानना है कि यह सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि कुछ और है… एक भावनात्मक जुड़ाव, जिसे वे शब्दों में पूरी तरह नहीं कह पा रहे।

पुजारी की बात का जिक्र, परिवार का विश्वास

राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद जब तेरहवीं हुई थी, तब कामाख्या मंदिर के एक पुजारी ने कहा था कि परिवार में ही राजा का दोबारा जन्म होगा। उस वक्त इस बात को सिर्फ सांत्वना की तरह लिया गया था।

अब जब सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ है, तो परिवार इस घटना को उसी बात से जोड़कर देख रहा है। विपिन का कहना है कि परिवार में कुल नौ भाई हैं, लेकिन यह संयोग उनके इसी भाई के घर हुआ… इसलिए उन्हें लगता है कि यह सिर्फ इत्तेफाक नहीं है।

ग्यारस और समय का मेल

परिवार इस घटना को एक और वजह से खास मान रहा है। जिस दिन राजा रघुवंशी की हत्या हुई थी, वह दिन भी ग्यारस का था। और अब जब बच्चे का जन्म हुआ, वह भी ग्यारस का ही दिन निकला।

समय को लेकर भी परिवार ने एक समानता बताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक राजा की मौत दोपहर करीब 2:40 बजे हुई थी, जबकि नवजात का जन्म 2:42 बजे हुआ। महज दो मिनट का फर्क… यही बात परिवार को सबसे ज्यादा भावुक कर रही है।

मां की भावुक होकर बोली घर में बदला माहौल

राजा की मां उमा रघुवंशी इस घटना को भगवान की कृपा मान रही हैं। उनका कहना है कि जिस समय उनका बेटा उनसे दूर गया था, लगभग उसी समय वह फिर से उनके जीवन में लौट आया है।

घर का माहौल, जो महीनों से उदासी में डूबा था, अब थोड़ा हल्का महसूस हो रहा है। परिवार के लोग इस बच्चे में अपने खोए हुए बेटे की झलक देख रहे हैं।

‘राजा’ नाम पर बनी सहमति

परिवार ने नवजात का नाम भी ‘राजा’ ही रखा है। बताया गया कि जिस तरह पहले नाम बिना कुंडली के रखा गया था, वैसे ही इस बार भी वही नाम तय किया गया। परिवार के मुताबिक, यह नाम अब सिर्फ एक पहचान नहीं, बल्कि एक भावनात्मक रिश्ता बन चुका है।