कन्या छात्रावास की अधीक्षिका पर कन्वर्जन का आरोप, झाबुआ में बढ़ा विवाद
आदिवासी बालिकाओं से बाइबिल पढ़वाने के आरोप, कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे संगठन
झाबुआ के रामा विकासखंड अंतर्गत रोटला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास इन दिनों गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में है। छात्रावास की अधीक्षिका पर आदिवासी बालिकाओं को जबरन बाइबिल पढ़वाने और मतांतरण के प्रयास का आरोप लगा है। मामले के सामने आते ही हिंदू समाज और जनजाति संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है. आरोप है कि हॉस्टल में रह रही जनजाति बालिकाओं पर धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें कुछ छात्राएं कथित रूप से धार्मिक प्रार्थना करती नजर आ रही हैं। हालांकि यह वीडियो कब का है और इसकी सच्चाई क्या है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
जांच समिति गठित, रिपोर्ट का इंतजार
मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एक जांच समिति गठित की गई है। समिति पूरे मामले की पड़ताल करेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि तथ्यों के बिना कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे मामले में जनजाति कार्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी लेने के लिए सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग सुप्रिया बिसेन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। न तो विभाग की ओर से कोई खंडन जारी हुआ और न ही वायरल वीडियो को लेकर कोई स्पष्ट स्थिति सामने रखी गई।
कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन
मंगलवार को हिंदू युवा जनजाति संगठन के कार्यकर्ता छात्रावास अधीक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राएं भी उनके साथ मौजूद थीं। संगठन का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह आदिवासी समाज की आस्था और अधिकारों पर सीधा हमला है और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। पूरा मामला अब प्रशासनिक जांच के भरोसे है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है, लेकिन फिलहाल इस घटनाक्रम ने जिले में माहौल को जरूर गर्मा दिया है।