एनकाउंटर के बाद गाजीपुर में हिंसा, शव रखकर प्रदर्शन; पुलिस पर पथराव के बाद रासुका की चेतावनी
गाजीपुर में कथित एनकाउंटर के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश बिंद के अंतिम संस्कार के दौरान विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा और पुलिस को हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। शाम को अंतिम यात्रा के दौरान शुरू हुआ विरोध कुछ ही देर में टकराव में बदल गया।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सड़क जाम कर दी, जिसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपद्रव फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। वहीं, मृतक आरोपी के परिजन और समर्थक एनकाउंटर को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।
अंतिम यात्रा बनी टकराव की वजह
कमलेश बिंद का शव घर से श्मशान घाट ले जाया जा रहा था। रास्ते में फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने शव वाहन को रोककर सड़क पर शव रख दिया और पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पहले बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ ही देर में हालात नियंत्रण से बाहर हो गए और पुलिस टीम पर पत्थरबाजी शुरू हो गई।
पथराव में अधिकारी घायल
अचानक हुए हमले में क्षेत्राधिकारी शेखर सेंगर, सदर कोतवाली प्रभारी प्रमोद सिंह समेत कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। कुछ जवानों को खुद को बचाने के लिए आसपास की इमारतों में शरण लेनी पड़ी। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और भीड़ को हटाकर स्थिति पर नियंत्रण किया गया। इसके बाद शव को पुलिस सुरक्षा में श्मशान घाट पहुंचाया गया, जहां अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
एसपी का सख्त संदेश
जिले के पुलिस अधीक्षक ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि हालात बिगाड़ने और अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
गांव और श्मशान घाट पर सुरक्षा घेरा
घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई थानों की पुलिस और अतिरिक्त फोर्स को गांव तथा श्मशान घाट के आसपास तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पैदल मार्च भी किया। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।
हत्याकांड से एनकाउंटर तक
29 मई की रात होटल कारोबारी आलोक राय के बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में कमलेश बिंद समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 3 जून की रात कमलेश बिंद को मुठभेड़ में मार गिराया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मामले के अन्य आरोपी अब भी फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
36 दिन पहले हुई थी शादी
कमलेश बिंद की निजी जिंदगी भी चर्चा में है। उसकी शादी 27 अप्रैल को बिहार की रहने वाली मनीषा से हुई थी, जो नर्सिंग की छात्रा बताई जाती हैं। शादी के महज 36 दिन बाद हुए एनकाउंटर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब यह मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एनकाउंटर, कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर नए सवाल भी खड़े कर रहा है।