धमतरी और अभनपुर में ED की बड़ी छापेमारी, भारतमाला

धमतरी में ED की बड़ी कार्रवाई, भारतमाला घोटाले में पूर्व मंत्री के रिश्तेदार और कारोबारियों पर शिकंजा

रायपुर। धमतरी और आसपास के इलाकों में सोमवार सुबह उस वक्त हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अचानक कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी। कार्रवाई का फोकस भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले पर है। टीम ने पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों और जमीन कारोबारियों के घरों में दस्तावेज खंगालने शुरू किए। 12 से ज्यादा अधिकारी अलग-अलग टीमों में जांच कर रहे हैं और कई जगहों पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

यह मामला रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां जमीन अधिग्रहण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं।

किन ठिकानों पर पहुंची ED की टीम

ED की टीम ने सबसे पहले कुरूद इलाके में दबिश दी, जहां पूर्व मंत्री के रिश्तेदार भूपेंद्र चंद्राकर के घर पर जांच शुरू हुई। इसके साथ ही राइस मिलर और कुछ अन्य कारोबारियों के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई। अभनपुर में भी जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनके सहयोगियों पर छापेमारी की गई। कई जगहों से दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।

क्या है भारतमाला घोटाले का आरोप

जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण में नियमों को बदलकर मुआवजा बढ़ाया गया। कृषि भूमि को गैर-कृषि दिखाकर उसकी कीमत कई गुना कर दी गई। कुछ मामलों में एक ही जमीन को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर अलग-अलग नामों पर भुगतान लेने की बात भी सामने आई है। यही पैटर्न अब ED की जांच के केंद्र में है।

कितना बड़ा हो सकता है मामला

शुरुआती अनुमान के अनुसार, यह घोटाला 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो सकता है। जांच एजेंसियों को शक है कि इसमें कई जिलों के नेटवर्क शामिल हैं। इससे पहले भी ED ने कई जगहों पर छापेमारी कर संपत्तियां जब्त की थीं, जिससे संकेत मिलता है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल

पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों पर कार्रवाई ने राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है। हालांकि अब तक किसी भी अधिकारी ने आधिकारिक बयान नहीं दिया है। ED की टीम मीडिया से दूरी बनाए हुए है, लेकिन अंदरखाने जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।