डोंगरगढ़ में 15वें वित्त की राशि अटकी तो सरपंचों ने जड़ा ताला, मचा हड़कंप
रायपुरः छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में 15वें वित्त आयोग की राशि जारी न होने से नाराज सरपंचों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। लंबे समय से भुगतान लंबित होने के विरोध में सरपंचों ने जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर धरना दिया और मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। अचानक हुए इस कदम से दफ्तर में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी अंदर ही फंसे रह गए, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
11 महीनों से राशि लंबित, विकास कार्य ठप
सरपंचों का कहना है कि पिछले करीब 11 महीनों से 15वें वित्त आयोग की राशि जारी नहीं की गई है। इसके चलते ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। निर्माण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई काम अधर में लटके हुए हैं। साथ ही सरपंचों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया गया कि इससे पहले सरपंचों ने तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर भुगतान की मांग की थी, लेकिन समाधान नहीं निकला।
पहले चेतावनी, फिर ताला बंदी
सरपंचों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि तीन दिनों के भीतर समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो वे जनपद कार्यालय में ताला लगाकर विरोध करेंगे। तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने सोमवार को अपनी चेतावनी को अमल में लाते हुए कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और धरना शुरू कर दिया।
ताला लगाए जाने की सूचना मिलते ही जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौके पर पहुंचीं और ताला खुलवाने की पहल की। इसके बाद एसडीएम भी कार्यालय पहुंचे और सरपंचों से बातचीत की।
आश्वासन के बाद खुला ताला
एसडीएम ने सरपंचों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया और कार्यालय का ताला खोल दिया गया।
धरने के दौरान सरपंच संघ अध्यक्ष कैलाश ऊके, कमलेश वर्मा, नीता आनंद टेम्बुरकर, ओमप्रकाश लिल्हारे, लोचन वर्मा, चमेली, लोकेश साहू, संजय ऊके, भूमिका सिन्हा, प्रीति साहू, कविता, नंदकिशोर कंवर, मदन देवांगन, तोरण बाई सहित अन्य सरपंच मौजूद रहे।