देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद एक्शन में सरकार, मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख मदद
देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। टोंककला इलाके में एबी रोड स्थित फैक्ट्री में अचानक हुए विस्फोट के बाद आग फैल गई, जिसमें तीन श्रमिकों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद राज्य सरकार तुरंत हरकत में आई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
साथ ही घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं। घटना ने फैक्ट्री सुरक्षा और अवैध भंडारण को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी में श्रमिकों के रहने की व्यवस्था और नाबालिग मजदूरों की मौजूदगी भी सामने आई है।
सुबह के धमाके ने मचाई अफरा-तफरी
गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। धमाके के बाद फैक्ट्री में आग तेजी से फैलने लगी। हादसे में 23 श्रमिक झुलस गए। इनमें से 15 की हालत गंभीर बताई गई, जिन्हें जिला अस्पताल से दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ा। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पहुंचने के लिए कहा। सीएम ने कहा कि मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। साथ ही घायलों का इलाज पूरी तरह निशुल्क कराया जाएगा। सरकार अब यह भी जांच करेगी कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं।
श्रमिकों के रहने की स्थिति पर उठे सवाल
हादसे के बाद बड़ी संख्या में श्रमिक फैक्ट्री से कई किलोमीटर दूर स्थित जयदेव वेयरहाउस पहुंचे। बताया गया कि यही वेयरहाउस उनका रहने का स्थान भी था। जानकारी के मुताबिक यहां करीब 200 मजदूर रह रहे थे, जिनमें अधिकांश उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग जिलों से आए थे। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि इनमें कुछ नाबालिग श्रमिक भी शामिल थे। वेयरहाउस के दूसरे हिस्से में पटाखों का भंडारण होने की बात सामने आई है। आग फैलने की आशंका को देखते हुए वहां लगातार पानी का छिड़काव कराया गया।
फैक्ट्री संचालन और सुरक्षा पर बढ़ा दबाव
देवास हादसे के बाद प्रशासन अब फैक्ट्री लाइसेंस, स्टोरेज और सुरक्षा व्यवस्था की जांच में जुट गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट की असली वजह क्या थी और कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई। प्रदेश में पहले भी पटाखा फैक्ट्रियों में हादसे हो चुके हैं, लेकिन हर घटना के बाद सुरक्षा मानकों पर सवाल फिर सामने आ जाते हैं। इस बार भी श्रमिक सुरक्षा और अवैध भंडारण सबसे बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है।