नक्सलियों के गढ़ में डिप्टी सीएम विजय शर्मा की चौपाल, रायगुड़म में सुनीं लोगों की समस्याएं
Naxal Area Rayagudem Vijay Sharma Visit : सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित रायगुड़म गांव में एक ऐतिहासिक घटना घटी, जब उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पहली बार इस क्षेत्र में पहुंचे। लंबे समय से नक्सलियों के कब्जे में रहे इस गांव में पहली बार किसी मंत्री ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के लिए कदम रखा। 2 अप्रैल 2025 को विजय शर्मा ने जगरगुंडा के रायगुड़म में पहले जवानों से मुलाकात की और फिर ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। नक्सल हिंसा से त्रस्त ग्रामीणों के लिए यह मुलाकात किसी उत्सव से कम नहीं थी, क्योंकि वे लंबे समय से सरकारी सहायता और विकास की राह देख रहे थे।
रायगुड़म में विजय शर्मा का दौरा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपनी यात्रा की शुरुआत जगरगुंडा के रायगुड़म में जवानों से मुलाकात के साथ की। इस दौरान बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज, सीआरपीएफ डीआईजी सूरजपाल वर्मा, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, एसपी किरण चव्हाण और सीआरपीएफ कमांडेंट नवीन मौजूद रहे।
इसके बाद डिप्टी सीएम विजय शर्मा बाइक पर सवार होकर बीहड़ इलाकों से होते हुए ग्रामीणों तक पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत की। शर्मा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही इस क्षेत्र में विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।

नक्सलियों का गढ़ रायगुड़म
सुकमा जिले में स्थित रायगुड़म लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ रहा है। यह क्षेत्र नक्सली कमांडर मडवी हिडमा का गृह क्षेत्र भी है, जो बस्तर में नक्सलियों का एक प्रमुख चेहरा है। इस इलाके में सरकारी पहुंच न के बराबर रही है, जिसके कारण ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। विजय शर्मा का यह दौरा न केवल ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए गंभीर है।
4 अप्रैल को गृह मंत्री शाह का दौरा
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 अप्रैल 2025 से छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। पहले दिन वे रायपुर में राज्य के प्रमुख नेताओं और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति और राज्य में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। अगले दिन, 5 अप्रैल को शाह बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में होंगे। वहां वे मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करेंगे और बस्तर पंडुम महोत्सव के समापन समारोह में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और एंटी-नक्सल अभियान के ऑपरेशन कमांडरों के साथ संवाद करेंगे। शाह का यह दौरा नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की रणनीति
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद एक लंबे समय से चली आ रही समस्या है, खासकर बस्तर क्षेत्र में। गृह मंत्री विजय शर्मा ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने नक्सलियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है और बिना शर्त शांति वार्ता की पेशकश की है। हालांकि, शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया है कि वार्ता के लिए नक्सलियों को हिंसा छोड़नी होगी और भारत के संविधान में विश्वास दिखाना होगा।
दूसरी ओर अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और कई सफल ऑपरेशन किए गए हैं।
साल 2024 में बस्तर क्षेत्र में 207 नक्सलियों को मार गिराया गया, जो एक रिकॉर्ड है। इसके अलावा, सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जैसे बस्तर ओलंपिक, जिसका उद्देश्य युवाओं को नक्सलवाद की राह से दूर रखना और खेलों के माध्यम से उनकी प्रतिभा को निखारना है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्कूल और अस्पताल न होने से बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, जबकि सड़कों की कमी के कारण वे मुख्यधारा से कटे हुए हैं।
शांति वार्ता की पेशकश
विजय शर्मा और अमित शाह के इन दौरों से यह संदेश साफ है कि सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के साथ-साथ इन क्षेत्रों में विकास को प्राथमिकता दे रही है। हालांकि, नक्सलियों की ओर से हाल ही में शांति वार्ता की पेशकश के बावजूद, उनकी शर्तें- जैसे सुरक्षा बलों की वापसी, नक्सल विरोधी अभियान की रोकथाम। इस पर राज्य सरकार की तरफ से डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बात करने नक्सलियों की शर्ते मानने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि, अपने नेतृत्व वाली समिति को बात करने के लिए भेजे। हम तैयार है बात करने के लिए लेकिन कोई शतें मंजूर नहीं की जाएगी।