छत्तीसगढ़ में बारिश बनी आफत, कहीं 25 यात्रियों की बची जान तो कहीं पांच लोगों की मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। एक ओर उफनती नदी में 25 यात्रियों से भरा वाहन फंस गया, जिसे ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित निकाला। दूसरी ओर सक्ती और कवर्धा में आकाशीय बिजली और करंट की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई।
लगातार सामने आ रहे इन हादसों ने बारिश के मौसम में सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं उफनती नदी पर पुल की कमी मुसीबत बनी तो कहीं बिजली सुरक्षा में लापरवाही और खराब मौसम ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।
आगर नदी में फंसा वाहन, ग्रामीणों ने बचाईं 25 जानें
कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड में आगर नदी के उफान के बीच ढोलढोली रपटा पार करते समय 25 यात्रियों से भरा एसएमएल वाहन तेज बहाव में फंस गया। पानी के दबाव से वाहन का एक पहिया रपटा से नीचे उतर गया और वाहन तिरछा हो गया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मानव श्रृंखला बनाकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे के बाद ग्रामीणों ने बरसात में होने वाली परेशानी का हवाला देते हुए यहां स्थायी और ऊंचे पुल के निर्माण की मांग दोहराई।
सक्ती में खेत पर गिरी बिजली
सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव में खेत में काम कर रहे आनंद राम माली (50) और उनकी पत्नी धोबनीन माली (45) आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। मौसम अचानक बदलने के बाद तेज गर्जना के साथ बिजली सीधे दोनों पर गिरी और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को प्राकृतिक आपदा राहत के तहत तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
कवर्धा में करंट से तीन मौतों ने बढ़ाई चिंता
कवर्धा जिले में बिजली से जुड़े दो अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की जान चली गई। कुकदूर थाना क्षेत्र के नागाटोला माठपुर में आठ वर्षीय श्रवण बैगा बिजली पोल के अर्थिंग तार में उतरे करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं सहसपुर लोहारा के बीरनपुर कला गांव में खेत के चारों ओर लगाए गए विद्युत झटका तार में फंसने से किसान गोकरण पटेल (55) और उनके बेटे परमेश पटेल (22) की भी मौके पर मौत हो गई। बेटे को बचाने के प्रयास में पिता भी करंट की चपेट में आ गए।
बारिश के साथ बढ़े सुरक्षा इंतजामों की मांग
तीनों घटनाओं के बाद अलग-अलग इलाकों में लोगों का गुस्सा सामने आया है। पंडरिया के ग्रामीण स्थायी पुल की मांग कर रहे हैं, जबकि कवर्धा में बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। लोगों ने बिजली लाइनों के नियमित रखरखाव, अवैध विद्युत फेंसिंग पर सख्त कार्रवाई और खराब मौसम के दौरान ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।