छत्तीसगढ़ में 6 करोड़ का गांजा जब्त, केले के बीच छिपाकर हो रही थी तस्करी
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। Mahasamund और Bilaspur में पुलिस ने अलग-अलग मामलों में करीब 6 करोड़ रुपए का गांजा जब्त किया है। यह कार्रवाई राज्य में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सख्ती को दर्शाती है, जो युवाओं और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रोकने के लिए अहम मानी जा रही है।
महासमुंद में 4.5 करोड़ का गांजा, केले के नीचे छिपाई बोरियां
Mahasamund जिले के बसना थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाकेबंदी कर एक छोटे मालवाहक वाहन से करीब 912 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसकी कीमत लगभग 4.56 करोड़ रुपए बताई गई है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए गांजे की बोरियों को केले के नीचे छिपा रखा था। इतना ही नहीं, वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट भी लगाई गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप ओडिशा से लाकर उत्तर प्रदेश भेजी जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
तीन महीने में 5 हजार किलो से ज्यादा गांजा जब्त
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, महासमुंद जिले में पिछले तीन महीनों के दौरान 72 मामलों में 5600 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया गया है। यह आंकड़े तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।
बिलासपुर में कार से 1.22 करोड़ का गांजा बरामद
वहीं Bilaspur जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में एसीसीयू और पुलिस टीम ने एक कार से 245 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 1.22 करोड़ रुपए आंकी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन तस्कर भागने की कोशिश करने लगे। पीछा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा फरार हो गया।
दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।