BSP स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी म

BSP स्क्रैप चोरी कांड में बड़ा खुलासा, लॉकर से मिले गहने और करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज

CG Crime News

भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़े स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस जांच अब संपत्ति और अवैध कमाई तक पहुंच गई है। मामले के मुख्य आरोपित संजय सिंह के बैंक लॉकर की जांच में करीब 50 लाख रुपये के आभूषण और लगभग तीन करोड़ रुपये की अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर चोरी के पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

BSP स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस ने आरोपितों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन भी रिक्रिएट कराया। जांच में सामने आया कि चोरी किए गए लोहे की बिक्री से मिली रकम को संपत्ति और गहनों में लगाने की कोशिश की गई। पुलिस अब जब्त संपत्तियों की जांच के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

लॉकर जांच में सामने आई करोड़ों की संपत्ति

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपित संजय सिंह के बैंक लॉकर से मिले आभूषणों की कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। एक अन्य आरोपित अक्षय कुमार सिंह से भी संपत्ति संबंधी कागजात मिले हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि BSP से चोरी किए गए स्क्रैप को बेचकर हासिल रकम को अलग-अलग जगह निवेश किया गया। अब पुलिस आरोपितों की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया पर भी काम कर रही है।

क्राइम सीन रिक्रिएशन से जुटाए अहम सुराग

पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए आरोपितों को खुर्सीपार गेट से लेकर SMS-3 तक घटनास्थल पर पहुंचाया। यहां पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश की गई। इस दौरान चोरी के तरीके और सामान की आवाजाही से जुड़े कई सुराग जुटाए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि जांच के दौरान चोरी किए गए लोहे के परिवहन में इस्तेमाल वाहनों और फर्जी नंबर प्लेट से जुड़े सबूत भी मिले हैं। इस मामले में अब तक 12 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

फ्लू डस्ट की आड़ में चल रहा था चोरी का खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि BSP से चोरी किए गए स्क्रैप को फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में बाहर ले जाया जा रहा था। 26 मई को मिली सूचना के बाद पुलिस ने अकलोरडीह खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स में कार्रवाई की थी। वहां कई वाहनों में लोड चोरी का लोहा बरामद हुआ था। कार्रवाई के दौरान करीब 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग जब्त की गई थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये बताई गई। इसके अलावा वाहनों और मशीनरी समेत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई थी।

जांच में बढ़ रहा अवैध नेटवर्क का दायरा

पुलिस अब सिर्फ चोरी किए गए स्क्रैप तक सीमित नहीं है बल्कि उससे जुड़े पूरे आर्थिक नेटवर्क की जांच कर रही है। पूछताछ में सामने आए नामों और संपत्ति की जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। BSP जैसे बड़े औद्योगिक संस्थान से स्क्रैप चोरी का मामला सुरक्षा व्यवस्था और अंदरूनी निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।