BJP नेता हत्याकांड में बड़ा अपडेट, मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुए भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत चार आरोपियों ने शनिवार को मनेंद्रगढ़ थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। इसके साथ ही एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद केस में नामजद सभी 9 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है।
दरअसल, 16 जून की रात नौगईं गांव में हुए इस हमले में फॉर्च्यूनर वाहन को रोककर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। इस घटना में भाजपा नेता भरत सिंह समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर वारदात के पीछे की पूरी साजिश को समझने में जुटी है।
पुलिस दबाव के बाद आरोपियों ने किया सरेंडर
हत्याकांड के बाद फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने कई टीमें बनाई थीं। आरोपियों की तलाश में दूसरे राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया गया था। लगातार दबाव बढ़ने के बाद मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी के साथ निशांत त्रिपाठी, अमन और आशुतोष त्रिपाठी ने थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। एमसीबी एसपी रत्ना सिंह ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई और लगातार दबाव के कारण आरोपियों ने सरेंडर किया है। इससे पहले मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि शनिवार को एक और आरोपी गौरव त्रिपाठी को खड़गवां क्षेत्र से पकड़ा गया।
रेत कारोबार के विवाद ने लिया हिंसक रूप
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से रेत के अवैध कारोबार को लेकर विवाद चल रहा था। चिरमी रेत घाट के ठेके और दूसरे क्षेत्रों से निकलने वाली रेत की वसूली को लेकर दोनों परिवारों में तनाव बढ़ता गया। आरोप है कि एक पक्ष रेत परिवहन से जुड़े कारोबार में सक्रिय था और दूसरे पक्ष से पैसे को लेकर विवाद चल रहा था। यही विवाद धीरे-धीरे राजनीतिक प्रभाव और आपसी टकराव में बदल गया। पुलिस अब इस पूरे आर्थिक विवाद और हत्या की कड़ी को जोड़कर जांच कर रही है।
हूटर विवाद के बाद बढ़ा था तनाव
भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह इलाके में प्रभावशाली भाजपा नेता माने जाते थे और उनकी गाड़ी में लगे हूटर को लेकर पहले भी विवाद सामने आया था। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन से हूटर हटवा दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया। हत्याकांड से पहले दोनों परिवारों के लोगों के बीच मारपीट की घटना भी हुई थी, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस इस घटना को भी हत्या से पहले बढ़े विवाद की अहम कड़ी मान रही है।
फॉर्च्यूनर जलाकर की गई थी हत्या
16 जून की देर रात नौगईं गांव में आरोपियों ने कथित तौर पर फॉर्च्यूनर वाहन को हाईवा लगाकर रोक दिया था। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। इस हमले में भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वाहन में मौजूद उनके रिश्तेदार नागेंद्र सिंह और एक अन्य घायल व्यक्ति ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।
सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की जांच तेज
अब पुलिस के सामने घटना की पूरी योजना, हमले में शामिल लोगों की भूमिका और विवाद की असली वजह सामने लाने की चुनौती है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पहले गिरफ्तार चार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब बाकी आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर केस की जांच को आगे बढ़ा रही है।