भोपाल-रामगंज मंडी रेल परियोजना में तेजी, 42 किमी कार्य पूरा, 2026-27 तक पूरा होगा लक्ष्य
भोपाल। मध्यप्रदेश एवं राजस्थान को सीधे रेल नेटवर्क से जोडऩे वाली भोपाल-रामगंज मंडी नई रेल लाइन परियोजना में निशातपुरा डी केबिन से श्यामपुर स्टेशन तक 42 किमी का कार्य पूरा हो चुका है। शेष 234 किलोमीटर का निर्माण वर्ष 26-27 तक पूरा हो जाएगा। भोपाल से रामानागुंज तक कुल परियोजना 276 किलोमीटर लंबी है, जिसकी अनुमानित कुल लागत 3,035 करोड़ है।
पमरे के अधिकारियों के अनुसार कुल 276 किलोमीटर लंबी परियोजना में निशातपुरा डी केबिन से ब्यावरा तक 111 किलोमीटर का रेलखंड भोपाल के अधीन आता है। शेष रामगंजमंडी से नरसिंहपुर तक 165 किलोमीटर का खंड कोटा मंडल के अधीन आता है। इसमें कुल 4 टनल, 4 महत्वपूर्ण ब्रिज, 34 मुख्य ब्रिज एवं 171 अंडरपास शामिल है।
187 किलोमीटर का कार्य पूर्ण
बता दें कि परियोजना में अब तक 187 किलोमीटर का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसमें भोपाल में निशातपुरा डी केबिन से श्यामपुर 42 किमी एवं कोटा मंडल में 145 किमी रामगंजमंडी से राजगढ़ तक का कार्य पूरा हो चूका है। शेष 89 किलोमीटर का कार्य कुरावर-श्यामपुर, सोनकच्छ-नरसिंहगढ़, ब्यावरा-सोनकच्छ वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरा करने का लक्ष्य है।
परियोजना में ये बने 27 स्टेशन
इस परियोजना में कुल 27 स्टेशन हैं, जिनमें रामगंज मंडी, जुल्मी, झालावाड़, झालरापाटन, जूनाखेड़ा, अमेठा, अकलेरा, पचोला, घटोली, नयागांव, भोजपुर, देवपुरा, खिलचीपुर, राजगढ़, नरसिंहपुर, ब्यावरा, पीपलखेड़ा, सोनकच्छ, नरसिंहगढ़, जमुनियागंज, कुरावर, श्यामपुर, दुराहा, जरखेड़ा, मुगलियाहाट, संत हिरदाराम नगर एवं निशातपुरा शामिल है।
नए रेल लाइन से ये होगा फायदा
1. यह परियोजना मध्यप्रदेश एवं राजस्थान दो राज्यों के 5 जिलों कोटा, झालावाड़, राजगढ़, सीहोर एवं भोपाल को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ती है। 2. राजस्थान के झालावाड़ स्थित कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयले की ढुलाई में यह मार्ग अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। वर्तमान में प्रयुक्त रूठियाई-ब्यावरा-झालावाड़ 215 किमी की तुलना में यह नया मार्ग 42 किलोमीटर कम होगा। 3. रूठियाई, कोटा, रामगंज मंडी, झालावाड़ 257 किमी मार्ग के माध्यम से जयपुर से दक्षिण भारत जाने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का रूट लगभग 115 किलोमीटर कम हो जाएगा, जिससे यात्रा समय में लगभग 3 घंटे की बचत होगी। 4. इस परियोजना से मध्यप्रदेश के आंतरिक जिलों जैसे शाजापुर, राजगढ़, गुना आदि की आबादी को सीधे राज्य की राजधानी भोपाल से जोडक़र क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को सशक्त आधार मिलेगा।
यात्रियों को मिलेगा फायदा
पमरे भोपाल सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार, रेलवे की भोपाल-रामगंजमंडी नई रेल लाइन परियोजना के पूरा होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, माल परिवहन में सुविधा तथा क्षेत्र में रोजगार एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।