भोपाल के जेपी अस्पताल में 30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ

भोपाल में 30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मियों का हल्ला बोल: जेपी अस्पताल में नारेबाजी

भोपाल के जेपी अस्पताल में सुबह से ही हाथों में बैनर, माथे पर काली पट्टी बांधे प्रदेशभर से आए आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर डटे हुए हैं। कर्मचारियों का साफ कहना है आज नहीं तो कब? हमें नियमित किया जाए। पूरे प्रदेश में करीब 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं और इनकी हड़ताल का असर अब अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर दिखने लगा है।

जेपी अस्पताल बना आंदोलन का केंद्र

JP Hospital परिसर में सुबह से ही भीड़ बढ़ती रही। महिला कर्मचारी जमीन पर बैठकर विरोध जताती नजर आईं। अलग-अलग जिलों से आए कर्मचारी अपनी-अपनी शाखा के बैनर लेकर पहुंचे हैं। यह प्रदर्शन Madhya Pradesh Samvida Outsource Swasthya Karmachari Sangh के आह्वान पर किया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा।

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सीएम हाउस तक ‘न्याय यात्रा’ की तैयारी

प्रदर्शनकारी थोड़ी देर में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालय से सीएम हाउस तक ‘न्याय यात्रा’ निकालने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनकी आवाज सीधे मुख्यमंत्री Mohan Yadav तक पहुंचेगी। हालांकि पुलिस ने एहतियात के तौर पर अस्पताल परिसर में भारी बल तैनात कर दिया है। गेट पर बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए गए हैं। पुलिस का इरादा साफ है कर्मचारियों को परिसर से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा।

कई संगठन साथ, भीड़ बढ़ती जा रही

प्रदर्शन में एड्स कंट्रोल एम्पलाइज यूनियन, संयुक्त डेंगू मलेरिया कर्मचारी संघ, समस्त स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ, संविदा आउटलेट स्वास्थ्य कर्मचारी संघ और नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन भी शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने कहा कि 2 फरवरी से विरोध जारी है।उन्होंने कहा पहले काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध किया, लेकिन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, इसलिए अब राजधानी में जोरदार प्रदर्शन करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें न्याय यात्रा की अनुमति मिली है, जबकि पुलिस इसे लेकर सख्त रुख में दिख रही है , हालात थोड़े तनावपूर्ण भी लग रहे हैं।

ट्रेन-बसों से रात में ही पहुंचे कर्मचारी

संघ के मुताबिक कई कर्मचारी मंगलवार रात को ही बस, ट्रेन और किराए के वाहनों से भोपाल के लिए निकल पड़े थे। दोपहर तक और भी जत्थे पहुंचने की उम्मीद है। कई कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर इस आंदोलन में हिस्सा लिया है। उनका कहना है कि अगर आज भी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी हड़ताल तेज की जाएगी।

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30 हजार कर्मचारी, स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

Madhya Pradesh के जिला अस्पतालों, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों में ये कर्मचारी तैनात हैं। रिपोर्टिंग, सफाई, सुरक्षा, कुपोषित बच्चों की देखभाल जैसे कामों में इनकी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में यदि हड़ताल लंबी खिंचती है तो मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।