यात्रीगण ध्यान दें! भोपाल में 2 दिन नहीं चलेगी मेट्रो, CMRS निरीक्षण के लिए सेवाएं रहेंगी बंद
भोपाल। शहर में चलने वाली मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। यात्रियों को अगले दो दिनों तक इंतजार करना होगा। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) के निरीक्षण के चलते 24 और 25 जून को मेट्रो सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। इस दौरान सिग्नलिंग प्रणाली समेत विभिन्न तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।
मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि यह प्रक्रिया परिचालन सुरक्षा और विश्वसनीयता को और मजबूत बनाने के लिए जरूरी है। ऐसे समय में यह निरीक्षण हो रहा है जब भोपाल मेट्रो को यात्रियों की संख्या बढ़ाने की चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है।
दो दिन बंद रहेगी ऑरेंज लाइन
भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन पर सुभाष नगर स्टेशन से एम्स स्टेशन के बीच संचालित यात्री सेवाएं 24 और 25 जून को उपलब्ध नहीं रहेंगी। निरीक्षण के दौरान तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, जिसके चलते सामान्य संचालन रोकने का निर्णय लिया गया है।
सुरक्षा मानकों की होगी विस्तृत जांच
सीएमआरएस द्वारा किया जाने वाला निरीक्षण मेट्रो परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस प्रक्रिया में सिग्नलिंग सिस्टम, परिचालन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जाता है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध सेवा उपलब्ध कराई जा सके। मेट्रो प्रबंधन के अनुसार निरीक्षण पूरा होने के बाद आवश्यक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
26 जून से फिर पटरी पर लौटेगी सेवा
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि 26 जून 2026 से सेवाएं अपने निर्धारित समय के अनुसार फिर शुरू कर दी जाएंगी। इसके बाद यात्रियों को नियमित रूप से मेट्रो सुविधा मिलती रहेगी और संचालन पूर्ववत जारी रहेगा।
यात्रियों की संख्या बढ़ाना भी चुनौती
भोपाल मेट्रो का प्राथमिक कॉरिडोर शुरू होने के बाद शुरुआती दिनों में यात्रियों का अच्छा उत्साह देखने को मिला था, लेकिन समय के साथ यात्री संख्या में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। सीमित कॉरिडोर और शहर के सभी हिस्सों तक कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण अभी मेट्रो को अपेक्षित संख्या में नियमित यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में प्रबंधन सुरक्षा और तकनीकी मानकों को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य में नेटवर्क विस्तार और यात्रियों की संख्या बढ़ाने पर भी फोकस कर रहा है।
एमपीएमआरसीएल का कहना है कि सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर तकनीकी परीक्षण और सिस्टम अपग्रेडेशन की प्रक्रिया जारी रखी जाती है।