भारत में चैरिटी नही परिवार बचाने की आवश्यकता है : दिव्यांगजन आयुक्त डॉ.अजय खेमरिया
शिवपुरी। भारत विकास परिषद शाखा शिवपुरी की नवीन कार्यकारिणी का दायित्व ग्रहण समारोह स्थानीय परिणय वाटिका में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश शासन के दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती परिवार व्यवस्था और संस्कारों को बचाने की है।
डॉ. खेमरिया ने कहा कि भारत में सेवा और चैरिटी के लिए संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन परिवारों का अपनी जड़ों और संस्कारों से दूर होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बाजारवादी और भारत विरोधी ताकतें भारतीय परिवार व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास कर रही हैं। यदि परिवार मजबूत रहेंगे तो भारत की सांस्कृतिक पहचान और परंपराएं भी सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सेवा कार्यों पर हर वर्ष हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन सबसे जरूरी आवश्यकता परिवार प्रबोधन और संस्कारों की रक्षा की है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि दिनेशचंद्र शुक्ला ने भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत विकास परिषद जैसे संगठन भारतीय संस्कृति और मूल्यों को संरक्षित करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कार ही भारतीय समाज की वास्तविक पहचान हैं।
समारोह में शपथ विधि अधिकारी के रूप में नीरज अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए नवीन कार्यकारिणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान नवीन अध्यक्ष गणेश धाकड़, सचिव अमित सहगल और कोषाध्यक्ष विवेक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने दायित्व ग्रहण किया।
नवीन अध्यक्ष गणेश धाकड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आगामी सेवा गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। संस्था अतिथियों को पौधे भेंट करने के साथ उनके संरक्षण और रोपण की जिम्मेदारी भी निभाएगी। कार्यक्रम में परिषद की निवर्तमान कार्यकारिणी द्वारा किए गए सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया गया। संस्था द्वारा 111 यूनिट से अधिक रक्तदान किए जाने पर पदाधिकारियों ने इसे सामूहिक सेवा भावना का उदाहरण बताया।