छत्तीसगढ़ में अंतिम कगार में लाल आतंक बस्तर में 35 माओवादियों का सरेंडर, हथियार जब्त
रायपुर। बस्तर क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर और नारायणपुर में कुल 35 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान हथियारों का जखीरा और करोड़ों रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है।
बीजापुर में सबसे ज्यादा सरेंडर
बीजापुर जिले में सबसे अधिक 25 माओवादियों ने हथियार डाल दिए। इनके पास से कुल 93 हथियार बरामद हुए, जिनमें एके-47 और एसएलआर राइफलें शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने यहां ₹14.06 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की है, जिसमें नकदी और सोना शामिल है।
दंतेवाड़ा और सुकमा में भी कार्रवाई
दंतेवाड़ा जिले में पांच माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। यहां से आठ एसएलआर समेत अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। सुकमा में दो माओवादियों ने सरेंडर किया, जिनके पास से एलएमजी, एके-47 और ₹10 लाख मिले। नारायणपुर जिले में एक माओवादी ने हथियार छोड़े। उसके पास से एक एलएमजी बरामद की गई है। कांकेर में दो माओवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया, जिन्होंने एके-47 राइफल पुलिस को सौंपी।
हाल की मुठभेड़ में एक माओवादी ढेर
इससे पहले सुकमा के पोलमपल्ली क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया, जिसकी पहचान मुचाकी कैलाश के रूप में हुई। वह प्लाटून का सेक्शन कमांडर था और उस पर ₹5 लाख का इनाम घोषित था।
अभियान और नीति का असर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लगातार चल रहे ऑपरेशन और पुनर्वास नीति का असर दिख रहा है। माओवादी संगठन की पकड़ कमजोर पड़ रही है और कैडर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। सुरक्षा बलों के अभियान से क्षेत्र में शांति की दिशा में बदलाव नजर आ रहा है।