उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर

बांधवगढ़ बफर जोन में बाघ हमले के बाद रेस्क्यू में मौत, महिला की जान गई, CM ने 25 लाख मुआवजा दिया

Bandhavgarh News

मध्य प्रदेश ने अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर अपने बढ़ते वन्यजीव संरक्षण की उपलब्धियों का जश्न मनाया था। लेकिन महज दो दिन बाद बांधवगढ़ नेशनल पार्क के बफर जोन के भीतर एक दर्दनाक घटना ने मानव-वन्यजीव संघर्ष और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

पनपथा क्षेत्र के खेड़वा टोला गांव में एक बाघ, जिसने कथित रूप से ग्रामीणों पर हमला किया था। वह रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौत का शिकार हो गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, वन विभाग की टीम द्वारा ट्रैंक्विलाइज़र दिए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और जटिलताओं के कारण उसकी मौत हो सकती है। हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बाघ के अचानक हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई थी। एक महिला की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हुए। इसके बाद बाघ एक झोपड़ी में घुस गया और वहीं छिप गया, जिससे दहशत और बढ़ गई। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।

खूंखार प्रवृत्ति के चलते किया ट्रैंक्विलाइज

मौके पर पहुंची वन टीम के सामने बेहद संवेदनशील स्थिति थी। बाघ को आक्रामक माना जा रहा था और डर था कि वह आबादी में और नुकसान न पहुंचाए। ऐसे में रेस्क्यू टीम ने उसे ट्रैंक्विलाइज़र से बेहोश करने का निर्णय लिया। लेकिन डार्ट लगने के कुछ ही समय बाद बाघ गिर गया और बाद में उसकी मौत हो गई।

वन्यजीव विशेषज्ञों ने इसे अत्यंत जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन बताया है, जिसमें दवा की मात्रा, जानवर की स्थिति और निगरानी बेहद अहम होती है। छोटी सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. समिता राजोरा ने कहा कि पोस्टमार्टम चल रहा है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी बताया।

सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महिला की मौत पर दुख जताते हुए 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। घायलों के इलाज की भी व्यवस्था की गई है। यह घटना मध्य प्रदेश के उस दावे के बीच सामने आई है जिसमें राज्य को “टाइगर स्टेट” और उभरते वन्यजीव राज्य के रूप में पेश किया जा रहा था।