छत्तीसगढ़ के बालोद में चोरी मामले की पूछताछ के लिए

बालोद पुलिस हिरासत से महिला फरार; लापरवाही पर 3 पुलिसकर्मी निलंबित, इस मामले में थी संदिग्ध

Balod News

बालोद में चोरी के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस की बड़ी चूक सामने आई है। पूछताछ के लिए थाने लाई गई संदिग्ध महिला पुलिस अभिरक्षा से ही फरार हो गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

यह मामला नगर पालिका क्षेत्र के नयापारा में हुई करीब दो लाख रुपये की चोरी से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि फरार महिला की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस अभिरक्षा में कैसे हुई चूक

पुलिस के अनुसार, महिला मूल रूप से कलकसा गांव की रहने वाली है और फिलहाल नयापारा में रह रही थी। शनिवार को उसे पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। पूछताछ के दौरान वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर थाना परिसर से फरार हो गई। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी में लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं।

तीन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

घटना को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक शिवराम ध्रुव, आरक्षक उमेध निषाद और महिला आरक्षक पूर्णिमा ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी ने साफ कहा कि पुलिस अभिरक्षा में इस तरह की चूक किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और विभागीय जांच जारी रहेगी।

फरार महिला की तलाश में कई टीमें सक्रिय

महिला की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं। उसके संभावित ठिकानों के साथ पैतृक गांव में भी लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी जवाबदेही

घटना के बाद जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को पुलिस अभिरक्षा से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने आरोपियों की निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है।