अशोकनगर कन्वर्जन केस: डिलीट वीडियो रिकवर करेगी पुलिस, जांच तेज
अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में दर्ज कन्वर्जन मामले की जांच अब तेज कर दी गई है। यह मामला कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है। प्रारंभिक कार्रवाई में मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किए गए हैं, जबकि डिलीट किए गए वीडियो को रिकवर करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
भोपाल में घटनास्थल पर की गई जांच
पुलिस टीम आरोपियों को भोपाल लेकर पहुंची, जहां घटनास्थल पर विस्तृत तफ्तीश की गई। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और एक बुर्का बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, मोबाइल डेटा की जांच में यह सामने आया है कि कुछ वीडियो डिलीट किए गए हैं, जिनकी रिकवरी से मामले में अहम सुराग मिलने की संभावना है।
मोबाइल जब्त, फॉरेंसिक जांच शुरू
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि जब्त किए गए मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कराई जा रही है। आरोपियों के पास से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। सभी जब्ती कार्रवाई पंचनामा के तहत विधिवत की गई है। अब फॉरेंसिक जांच के जरिए डिलीट डेटा को पुनः प्राप्त करने की कोशिश की जाएगी।
गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट, मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
SIT कर रही जांच, चार आरोपी गिरफ्तार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। अब तक एक विधि विवादित किशोर सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच टीम में एसडीओपी विवेक शर्मा और थाना प्रभारी ओमप्रकाश मिश्रा सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
शिकायत के बाद खुला मामला
यह मामला 16 अप्रैल को सामने आया, जब पिपरई क्षेत्र की एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उसकी नाबालिग बेटी को एक युवक द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया। आरोप है कि उसके बाद जबरन कन्वर्जन कराया गया और दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अन्य पीड़िताओं के साथ भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं।