माउंट एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा को 75 लाख रुपय

अरुणिमा सिन्हा को कोर्ट से राहत, 75 लाख धोखाधड़ी मामले में खारिज हुआ परिवाद

Mountaineer big Relief From Court

लखनऊ की अदालत ने पद्मश्री सम्मानित पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा को 75 लाख रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दाखिल परिवाद को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार नहीं बनता है।

यह मामला वर्ष 2015 में बनी एक निजी कंपनी के बैंक खाते से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनकी जानकारी के बिना कंपनी के खाते से 75 लाख रुपये निकाले गए। हालांकि अदालत ने सुनवाई के दौरान पेश दस्तावेजों और बयानों की जांच के बाद आरोपों को प्रथम दृष्टया साबित नहीं माना।

बैंक खाते के संचालन अधिकार पर हुई सुनवाई

अरुणिमा सिन्हा के बहनोई ओम प्रकाश ने अदालत में शिकायत दाखिल कर आरोप लगाया था कि कंपनी के खाते से रकम निकालने में अनियमितता हुई। शिकायत में बैंक अधिकारियों की मदद से कथित फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कंपनी के रिकॉर्ड और बैंक खाते से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। रिकॉर्ड में सामने आया कि कंपनी के बोर्ड के फैसले के अनुसार बैंक खाते के संचालन के लिए अरुणिमा सिन्हा को सिंगल सिग्नेचर का अधिकार दिया गया था। अदालत ने माना कि खाते के संचालन का अधिकार उनके पास था।

कोर्ट ने शिकायत क्यों की खारिज

शिकायतकर्ता के बयान और पेश किए गए सबूतों पर विचार करने के बाद अदालत ने पाया कि आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर आपराधिक कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती। इसी आधार पर अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 203 के तहत परिवाद खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद अरुणिमा सिन्हा को मामले में कानूनी राहत मिल गई है।

एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा की पहचान

अरुणिमा सिन्हा देश की चर्चित पर्वतारोही हैं। वह कृत्रिम पैर के सहारे माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली महिला पर्वतारोही के रूप में जानी जाती हैं। उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। अदालत के फैसले के बाद फिलहाल इस मामले में उनके खिलाफ आगे आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी। कोर्ट के आदेश से 75 लाख रुपये धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े इस विवाद पर विराम लग गया है।