अमेठी में पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें गलत, प्रशास

अमेठी में पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें बेबुनियाद, 10 दिन का एडवांस स्टॉक मौजूद - कलेक्टर

अमेठी में पिछले दो दिनों से पेट्रोल-डीजल को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, कहीं लाइनें दिखीं तो कहीं लोगों ने स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया। लेकिन जिला प्रशासन ने साफ किया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। असल में, हालात उतने गंभीर नहीं हैं जितना समझा जा रहा है।

पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य

कलेक्टर संजय चौहान ने कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपीलकी कि अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि इससे ही अनावश्यक भीड़ और परेशानी बढ़ती है। जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत तिवारी ने भी आंकड़ों के साथ स्थिति स्पष्ट की। उनके मुताबिक, अमेठी में 142 पेट्रोल पंप संचालित हैं और हर दिन करीब एक लाख लीटर पेट्रोल और उतना ही डीजल बिक रहा है। इसके बावजूद सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं आई है।

दस दिन का एडवांस स्टॉक, सप्लाई सिस्टम तेज

तिवारी ने बताया कि जिले में पेट्रोल-डीजल का 10 दिन से ज्यादा का एडवांस स्टॉक मौजूद है। इंडियन ऑयल में भुगतान जमा होने के अगले ही दिन पंपों तक तेल पहुंच जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन पंपों र समय से भुगतान नहीं होता, वहीं कभी-कभी सप्लाई में दिक्कत आती है। वरना डिपो में पैसा जमा होने के तीन घंटे के भीतर ही टैंकर रवाना कर दिया जाता है।

पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़, अफवाहों का असर

गौरीगंज के एक पेट्रोल पंप मालिक ज्ञान सिंह ने बताया कि उनके पास अभी भी करीब 10 हजार लीटर पेट्रोल मौजूद है, और सुबह तक एक और टैंकर आने वाला है। उन्होंने माना कि पिछले दो दिनों में बिक्री अचानक बढ़ी है, जो सामान्य नहीं है। उन्होंने कहा, “बुधवार शाम 7 बजे तक 2200 लीटर पेट्रोल बिक चुका था, जो आम दिनों से ज्यादा है।” नंद महर के पेट्रोल पंप संचालक रुद्रभान सिंह ने भी यही बात दोहराई। उनके अनुसार, कमी नहीं है, लेकिन लोग बोतल और डिब्बों में तेल भरवाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे रोकना जरूरी है। 

गैस एजेंसियों पर भी स्थिति नियंत्रण में

जिले में 32 गैस एजेंसियां काम कर रही हैं, जहां रोजाना करीब 4000 सिलेंडर की सप्लाई हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि यहां भी दो दिन का एडवांस स्टॉक मौजूद है। हालांकि, एक गैस एजेंसी कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर वितरण पूरी पारदर्शिता से हो तो कोई कमी नहीं होगी। लेकिन कुछ जगहों पर गड़बड़ी के कारण लोगों को परेशानी महसूस होती है। 

लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है, और घबराकर स्टॉक जमा करना हालात को और बिगाड़ सकता है। जरूरत के मुताबिक ही पेट्रोल-डीजल लें, ताकि सभी को आसानी से उपलब्ध हो सके।