शहीद बेटे के ताबूत से लिपटकर मां फूट-फूटकर रोई, अलीगढ़ में अंतिम विदाई की तैयारी
अलीगढ़ के सालपुर गांव में उस वक्त माहौल गमगीन हो गया जब असम विमान हादसे में शहीद हुए एयरफोर्स जवान जितेंद्र शर्मा का पार्थिव शरीर घर पहुंचा। घर पहुंचते ही मां ताबूत से लिपटकर रो पड़ीं और पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह पल बेहद दर्दनाक रहा, जहां एक उम्मीद भरा घर अचानक मातम में बदल गया।
ताबूत से लिपटकर टूटी मां, गांव में पसरा मातम
शहीद के घर पहुंचते ही मां राजेश्वरी देवी अपने बेटे के ताबूत से लिपट गईं और जोर-जोर से रोने लगीं। वह बार-बार अपने बेटे को पुकारती रहीं और बेसुध हालत में बोलीं कि “अरे मेरे लाल, मेरे फौजी जीतू… तू कहां चला गया बेटा।” गांव में हर आंख नम हो गई और माहौल पूरी तरह शोक में बदल गया।
अफसरों के निर्देश के बाद नहीं खुलेगा ताबूत
जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने परिवार को बताया है कि ताबूत नहीं खोला जाएगा क्योंकि हादसे में शव पूरी तरह जल गया था। इसी वजह से अंतिम दर्शन संभव नहीं होंगे। स्थानीय प्रशासन ने भी इस फैसले की पुष्टि की है और सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
11 साल की सेवा और अधूरे सपने
जितेंद्र शर्मा 2015 में भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे और करीब 11 साल तक देश की सेवा की। वह सात भाई-बहनों में सबसे छोटे थे और हाल ही में छुट्टी पर घर आए थे। परिवार में उनकी शादी की तैयारियों को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
असम विमान हादसे में गई जान
13 जून की सुबह लैंडिंग के दौरान भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान असम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में एयरफोर्स के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा समेत कुल 5 जवानों की जान चली गई। हादसे के बाद परिवार को लगभग 50 घंटे बाद इस दुखद खबर की जानकारी दी गई।