महिला यात्री के लिए ट्रेन रुकवाई तो भड़के RPF जवान, रेलवे अफसर से मारपीट पर 4 सस्पेंड
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर महिला यात्री की मदद के लिए ट्रेन रुकवाने के बाद रेलवे अधिकारी और RPF जवानों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि बहस के बाद रेलवे अधिकारी के साथ मारपीट की गई और उन्हें प्लेटफॉर्म से घसीटते हुए RPF थाने तक ले जाया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने चार RPF कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
मामले ने रेलवे के भीतर कामकाज के तरीके और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जांच शुरू कर दी गई है और वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
महिला की मदद के बाद शुरू हुआ पूरा विवाद
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हीराकुंड एक्सप्रेस रवाना हो रही थी। इसी दौरान एक महिला यात्री सामान खरीदने के लिए नीचे उतरी हुई थी और ट्रेन चलने लगी। महिला को ट्रेन के पीछे दौड़ता देख डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने वॉकी-टॉकी के जरिए लोको पायलट को ट्रेन रोकने का संदेश दिया। ट्रेन रुकने के बाद महिला सुरक्षित अपने कोच में चढ़ गई। इसी बीच मौके पर मौजूद RPF जवानों ने महिला को चेन पुलिंग का मामला समझकर रोकने की कोशिश की। रेलवे अधिकारी ने उन्हें बताया कि ट्रेन महिला ने नहीं बल्कि उन्होंने आधिकारिक तौर पर रुकवाई थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
आरोप है कि अधिकारी को थाने तक घसीटा गया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद बढ़ने पर RPF जवानों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद रेलवे अधिकारी के साथ हाथापाई हुई। आरोप है कि उन्हें थप्पड़ मारे गए और हाथ-पैर पकड़कर प्लेटफॉर्म से RPF थाने तक करीब 300 मीटर घसीटा गया। घटना के दौरान मौके पर मौजूद अन्य रेलवे कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। लेकिन उनका आरोप है कि RPF कर्मियों ने उनकी बात नहीं सुनी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
रेलवे कर्मचारियों के विरोध के बाद कार्रवाई
रेलवे अधिकारी के साथ हुई कथित अभद्रता के बाद कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई। कई कर्मचारी RPF थाने के बाहर पहुंच गए और विरोध जताया। मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद तत्काल विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। प्राथमिक कार्रवाई के तहत RPF के एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कांस्टेबल बन सिंह और कांस्टेबल जितेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जांच में वीडियो और गवाहों के बयान अहम
रेलवे प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच टीम वायरल वीडियो, स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी तस्वीर तैयार करेगी। इस मामले ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था, आपसी समन्वय और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल पर भी नई बहस छेड़ दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि विवाद किन परिस्थितियों में हिंसक रूप ले गया।