Sant Kabir Nagar: संपूर्ण समाधान दिवस में 142 शिकायतों की सुनवाई, 31 का निराकरण
नवनीत मिश्रा, संत कबीर नगर: जिले की तीनों तहसीलों में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 142 फरियादियों की शिकायतों की सुनवाई की गई। इनमें से 31 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के लिए भेजा गया।
ये अधिकारी रहे मौजूद
धनघटा तहसील में विधायक गणेश चंद्र चौहान, जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना की मौजूदगी में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। जिलाधिकारी ने फरियादियों की शिकायतों को एक-एक कर सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधायक चौहान ने सुनी दोनों पक्षों की शिकायते
विधायक गणेश चंद्र चौहान ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के समाधान के लिए मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों की बात सुनें और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता पीड़ितों को त्वरित राहत और न्याय दिलाना है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए थानाध्यक्षों को प्रत्येक शिकायत का मौके पर जाकर परीक्षण करने और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
धनघटा में 20 मामलों का निराकरण
वही धनघटा तहसील में कुल 59 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 20 मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया। तो वही मेहदावल तहसील में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश ने समाधान दिवस की अध्यक्षता की। यहां 37 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से चार का मौके पर निस्तारण किया गया। दो मामलों में स्थलीय जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खलीलाबाद तहसील में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां 46 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें सात मामलों का तत्काल निस्तारण कराया गया। पांच मामलों में स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण, वरासत और खतौनी से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा आवश्यक होने पर मौके पर जाकर दोनों पक्षों की बात सुनते हुए निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।