अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ा, रडार ठिकानों पर हमल

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा: अमेरिका रडार ठिकानों पर हमला; ईरान ने दागीं 7 बैलिस्टिक मिसाइलें

ट्रम्प का दावा- ईरान की मिसाइल ताकत 22% रह गई, खुफिया रिपोर्ट ने उठाए सवाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के चार अटैक ड्रोन मार गिराने के बाद गोरुक और केश्म द्वीप स्थित ईरानी रडार साइट्स पर हवाई हमला किया गया। इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने क्षेत्र में मौजूद दुश्मन ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा किया है।CENTCOM के अनुसार ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से छह मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि सातवीं अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। अमेरिकी सेना ने कहा कि हमले में किसी सैनिक को नुकसान नहीं हुआ।

ट्रम्प बोले- ईरान की ताकत बुरी तरह कमजोर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब केवल 21 से 22 प्रतिशत मिसाइल शक्ति बची है और उसका सैन्य ढांचा कमजोर पड़ गया है।हालांकि, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खुफिया एजेंसियों के आकलन के मुताबिक ईरान अपनी अधिकांश मिसाइल साइट्स दोबारा सक्रिय करने में सफल रहा है और उसके पास अब भी बड़ा मिसाइल भंडार मौजूद है।

होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का केंद्र

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर को रोक दिया, जबकि तीन अन्य टैंकर चेतावनी के बाद वापस लौट गए। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है।

लेबनान में भी जारी हैं हमले

इसी बीच दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले जारी हैं। ताजा हमलों में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। लेबनानी सेना ने भी अपने सैन्य वाहन पर हमले में जवानों के मारे जाने की पुष्टि की है।

ईरान-अमेरिका समझौते पर भी गतिरोध

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता ईरान की फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को लेकर अटका हुआ है। ईरान चाहता है कि समझौते के साथ ही उसकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा जारी किया जाए, जबकि अमेरिकी प्रशासन इस पर फिलहाल सहमत नहीं दिख रहा।