ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद रूस ने मध्यस्

ईरान-अमेरिका वार्ता विफल, रूस की एंट्री: पुतिन ने मध्यस्थता की पेशकश की, वैश्विक कूटनीति तेज

Middle East Tension

पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच हुई वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद अब वैश्विक कूटनीति नए मोड़ पर पहुंच गई है। रूस ने इस पूरे मामले में मध्यस्थ बनने की इच्छा जताई है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत कर शांति वार्ता में सहयोग का प्रस्ताव दिया है।

क्रेमलिन के मुताबिक, पुतिन ने मध्य पूर्व में जारी तनाव को राजनीतिक और कूटनीतिक तरीके से सुलझाने पर जोर दिया और ‘न्यायपूर्ण एवं स्थायी शांति’ के लिए हर संभव सहयोग देने की बात कही।

क्या अमेरिका मानेगा रूस का प्रस्ताव?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका, रूस की मध्यस्थता को स्वीकार करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति पूरी तरह से अमेरिका और ईरान के रुख पर निर्भर करेगी। हालांकि, रूस-यूक्रेन मामले में अमेरिका की भूमिका को देखते हुए कूटनीतिक संभावनाएं पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रहीं।

यूरोपीय संघ ने कूटनीति पर दिया जोर

यूरोपियन यूनियन ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। ईयू के प्रवक्ता अनवर अल अनौनी ने कहा कि मध्य पूर्व में शांति के लिए कूटनीति बेहद जरूरी है और सभी पक्षों को बातचीत जारी रखनी चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता कोशिशों की भी सराहना की।

ब्रिटेन ने जताई निराशा

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने वार्ता विफल होने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि कूटनीति में असफलताएं होती हैं, लेकिन प्रयास जारी रखना जरूरी है।

ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान की अपील

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग  ने युद्धविराम बनाए रखने और वार्ता फिर से शुरू करने की अपील की है। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों देशों से संवाद जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि पाकिस्तान आगे भी इस दिशा में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच रूस की यह पहल आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकती है।