मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर व्लादिमीर पुतिन

पुतिन बोले – कोविड-19 लग सकता है, युद्ध का क्या परिणाम होगा कोई सोच भी नहीं सकता?

मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव के बीच व्लादिमीर पुतिन ने ईरान युद्ध को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि यह संघर्ष भविष्य में COVID-19 जैसी वैश्विक स्थिति पैदा कर सकता है, जिसके असर का अंदाजा फिलहाल किसी को नहीं है- यहां तक कि युद्ध में शामिल देशों को भी नहीं।

मॉस्को में बिजनेस लीडर्स के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस जंग का सटीक परिणाम क्या होगा, यह अनुमान लगाना बेहद मुश्किल है। उन्होंने साफ किया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, उत्पादन और सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।

वैश्विक बाजार और सेक्टर्स पर दबाव

पुतिन के मुताबिक, इस संघर्ष का सीधा असर तेल-गैस, धातु और उर्वरक जैसे अहम सेक्टर्स पर पड़ रहा है। कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है और सप्लाई में अनिश्चितता बनी हुई है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। ब्रेंट क्रूड करीब 5% बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।

बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट पर बढ़ा खतरा

तनाव के बीच ईरान ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दी है, जो वैश्विक शिपिंग के लिए बेहद अहम मार्ग है। यह रेड सी को अरब सागर से जोड़ता है और स्वेज नहर तक जाने वाले जहाजों का प्रमुख रास्ता है। दुनिया के करीब 12% तेल की सप्लाई इसी मार्ग से गुजरती है।

अगर इस स्ट्रेट में रुकावट आती है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है और मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष और गहरा सकता है।

सैन्य घटनाक्रम तेज

ताजा घटनाक्रम में इजराइल ने दावा किया है कि बंदर अब्बास में किए गए हमले में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) नेवी के दो वरिष्ठ अधिकारियों—बेहनाम रेजाई और अलीरेजा तांगसिरी—की मौत हुई है। इस ऑपरेशन में समुद्री इंटेलिजेंस से जुड़े कई अहम लोगों को निशाना बनाया गया।

एक्सपर्ट की राय: चीन की भूमिका अहम

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में स्थिरता तभी आ सकती है, जब चीन अपने बड़े ऑयल रिजर्व को बाजार में उतारे। हालांकि, फिलहाल चीन की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।