अमेरिकी रिपोर्ट में खुलासा- पाकिस्तान में अब भी सक

US रिपोर्ट में खुलासा: पाकिस्तान अब भी आतंकियों का गढ़, भारत के खिलाफ सक्रिय कई संगठन

नई दिल्ली। पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ लंबे समय से चल रहे सैन्य अभियानों के बावजूद वहां से आतंकी गतिविधियां अब भी जारी हैं। यह खुलासा अमेरिकी कांग्रेस की शोध इकाई Congressional Research Service (CRS) की ताजा रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित कई आतंकवादी संगठन आज भी पाकिस्तान की जमीन से सक्रिय हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।

आतंकी संगठनों की 5 श्रेणियां

रिपोर्ट में सक्रिय आतंकी समूहों को पांच प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है 

  • वैश्विक स्तर पर सक्रिय संगठन
  • अफगानिस्तान-केंद्रित समूह
  • भारत और कश्मीर केंद्रित संगठन
  • पाकिस्तान के घरेलू मामलों पर केंद्रित समूह
  • सांप्रदायिक संगठन

CRS के मुताबिक, सूची में शामिल 15 संगठनों में से 12 को अमेरिकी कानून के तहत ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ घोषित किया गया है।

वैश्विक और क्षेत्रीय नेटवर्क सक्रिय

रिपोर्ट में बताया गया है कि अल-कायदा अभी भी इस क्षेत्र में सक्रिय है, हालांकि इसका मुख्य ढांचा कमजोर हो चुका है। वहीं इस्लामिक स्टेट-खोरासान के पास 4,000 से 6,000 लड़ाके हैं, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय हैं। इसके अलावा हक्कानी नेटवर्क भी सीमा पार से अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है, जिसके हजारों हथियारबंद सदस्य बताए जाते हैं।

भारत के खिलाफ सक्रिय आतंकी संगठन

रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारत को निशाना बनाने वाले कई संगठन अब भी पाकिस्तान में सक्रिय हैं। इनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन शामिल हैं, जिनका नाम बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। ये संगठन कश्मीर में हालात को प्रभावित करने और भारत के खिलाफ साजिशें रचने की कोशिश कर रहे हैं।

खुद भी आतंक से जूझ रहा पाकिस्तान

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान स्वयं भी आतंकवाद से गंभीर रूप से प्रभावित है। खासकर 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद उग्रवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। घरेलू स्तर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को सबसे खतरनाक संगठन बताया गया है, जिसके पास 2,500 से 5,000 तक लड़ाके हैं। इसका उद्देश्य पाकिस्तानी सरकार को उखाड़ फेंकना और शरिया कानून लागू करना है।

सुरक्षा के लिहाज से बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। भारत के लिए यह संकेत है कि सीमा पार आतंकवाद का खतरा अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान में कई आतंकी नेटवर्क सक्रिय बने हुए हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती हैं।