ईरान ने चीनी सैटेलाइट से की अमेरिकी ठिकानों की रेकी, मिसाइल हमलों का दावा: रिपोर्ट से हड़कंप
मध्य पूर्व में तनाव से जुड़ी एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान ने चीन के सैटेलाइट नेटवर्क की मदद से अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी की और बाद में उन पर मिसाइल हमले किए। यह जानकारी फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में सामने आई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।
चीनी सैटेलाइट TEE-01B का इस्तेमाल करने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने चीन की कंपनी “Earth-i” द्वारा विकसित TEE-01B सैटेलाइट सिस्टम का उपयोग किया। ईरान की एयरोस्पेस फोर्स ने इसकी सेवाएं खरीदी थीं। सैटेलाइट लॉन्च के कुछ दिनों बाद ही इसका इस्तेमाल शुरू किया गया। इसका उपयोग अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी और रेकी के लिए किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लीक हुए ईरानी सैन्य दस्तावेजों के आधार पर यह जानकारी सामने आई है।
कैसे जुटाई गई जानकारी?
फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, ईरानी सैन्य कमांडरों ने सैटेलाइट से अमेरिकी ठिकानों की विस्तृत तस्वीरें और डेटा एकत्र करने के निर्देश दिए थे। इन जानकारियों का उपयोग बाद में हमलों की योजना बनाने में किया गया। रिपोर्ट में दावा है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और इराक, कतर और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।
चीन का बयान: आरोपों को बताया निराधार
इन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित दावे हैं। चीन का कहना है कि इन आरोपों का उद्देश्य उस पर टैरिफ लगाने को उचित ठहराना है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे दावे तथ्यहीन हैं। प्रवक्ता लिन जियान ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका टैरिफ बढ़ाता है तो जवाब दिया जाएगा।
अमेरिका-चीन-ईरान तनाव का नया अध्याय
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही व्यापार और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को लेकर तनाव बना हुआ है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर ईरान को सैन्य मदद देने के आरोप लगाए हैं।
सैटेलाइट नेटवर्क और रणनीतिक महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक युद्ध में सैटेलाइट इंटेलिजेंस बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी सैटेलाइट्स की कवरेज एशिया और अन्य क्षेत्रों तक फैली हुई है, जिससे कई देशों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती बहस
इस रिपोर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन की भूमिका और सैटेलाइट तकनीक के सैन्य उपयोग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।