ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी हेलिकॉप्टर और

Iran-US तनाव बढ़ा: हेलिकॉप्टर गिराने का दावा, रिपोर्ट में अमेरिका पर खुद विमान नष्ट करने का आरोप

America Plance Destroy explain

मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो हेलिकॉप्टर और दो ट्रांसपोर्ट विमान मार गिराए। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स इस दावे पर अलग तस्वीर पेश कर रही हैं।

IRGC का रेस्क्यू मिशन नाकाम करने का दावा

ईरान की सैन्य इकाई आईआरजीसी(Islamic Revolutionary Guard Corps) के अनुसार, यह कार्रवाई इस्फहान के दक्षिणी क्षेत्र में की गई। IRGC ने कहा कि अमेरिकी सेना अपने एक पायलट को बचाने के लिए ऑपरेशन चला रही थी। जिसे उन्होंने निशाना बनाकर विफल कर दिया। दावा किया गया कि इस दौरान 2 C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और 2 ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर नष्ट कर दिए गए।

अमेरिका का दावा: ऑपरेशन सफल

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि रेस्क्यू मिशन पूरी तरह सफल रहा और पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस विरोधाभासी बयानबाजी ने पूरे घटनाक्रम को और उलझा दिया है।

अमेरिका के खुद के विमान उड़ाने का दावा

एक अमेरिकी अखबार  की रिपोर्ट के अनुसार, रेस्क्यू मिशन के दौरान दो ट्रांसपोर्ट विमान ईरान में फंस गए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन विमानों को बाद में अमेरिकी सेना ने खुद नष्ट कर दिया। ताकि उनकी सैन्य तकनीक ईरान के हाथ न लग सके। इसके बाद अतिरिक्त विमान भेजकर ऑपरेशन पूरा किया गया।

होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा टकराव

इस बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी तनाव गहरा गया है। ईरान ने अमेरिका के उस अल्टीमेटम को ठुकरा दिया है, जिसमें 48 घंटे के भीतर इस समुद्री मार्ग को खोलने या समझौता करने की चेतावनी दी गई थी। ट्रम्प ने कहा था कि समयसीमा खत्म होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।

ओमान-ईरान के बीच बातचीत

तनाव के बीच ओमान और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता हुई है। ओमान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के विशेषज्ञों ने जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा की। इस रणनीतिक जलमार्ग का उत्तरी हिस्सा ईरान और दक्षिणी हिस्सा ओमान के नियंत्रण में है।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। हाल के घटनाक्रमों के चलते इस मार्ग पर अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।