पश्चिम एशिया संकट के बीच ईरान ने शांति समझौते के ल

West Asia Crisis: शांति समझौते के लिए ईरान ने रखी शर्त, इस्राइल ने हिजबुल्ला से वार्ता ठुकराई

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता जारी है, लेकिन जमीनी हालात अब भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

 ईरान ने रखीं चार बड़ी शर्तें

शांति समझौते से पहले ईरान ने मध्यस्थों के सामने चार सख्त और गैर-परक्राम्य शर्तें रखी हैं। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण, युद्ध का मुआवजा, विदेशी बैंकों में जब्त संपत्तियों की बिना शर्त रिहाई और पूरे पश्चिम एशिया में स्थायी युद्धविराम शामिल हैं।विशेषज्ञ मानते हैं कि इन शर्तों को मानना किसी भी पक्ष के लिए आसान नहीं होगा। 

इस्राइल का साफ इनकार

इस्राइल ने हिजबुल्ला के साथ सीजफायर वार्ता से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि लेबनान के साथ बातचीत की संभावना जताई गई है, लेकिन हिजबुल्ला को लेकर रुख सख्त बना हुआ है। इससे क्षेत्र में तनाव कम होने की संभावना फिलहाल कमजोर दिख रही है। 

 इस्लामाबाद में कूटनीतिक गतिविधियां

इस्लामाबाद में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों से अलग-अलग मुलाकात की। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस वार्ता में शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब्त संपत्तियों की रिहाई पर आंशिक सहमति बनने के संकेत भी मिले हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। 

तनाव बरकरार, हालात संवेदनशील

सीमा पर इस्राइल और लेबनान के बीच ड्रोन हमले और सायरन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। दोनों पक्षों के बीच संघर्ष जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि कूटनीतिक बातचीत के बावजूद जमीनी स्तर पर शांति स्थापित करना अभी चुनौती बना हुआ है।