ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगने के बाद कतर पर

ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी, कुछ ही देर बाद कतर पर हमला… अमेरिका बोला आज होगा अब तक का सबसे बड़ा अटैक

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। Iran और Israel के बीच जारी संघर्ष का आज आठवां दिन है। इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों को भरोसा दिलाया कि अब उनकी जमीन को निशाना नहीं बनाया जाएगा, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद कतर पर हमले की खबर सामने आ गई। दूसरी तरफ United States ने भी बड़ा संकेत दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा है कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है।

ईरान ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि ईरान अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करेगा, जब तक कि उनकी जमीन से ईरान पर हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के मुताबिक यह फैसला ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने मंजूर किया है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पिछले दिनों हुए हमलों के लिए पड़ोसी देशों से माफी मांगी जाती है। उन्होंने साफ किया कि ईरान क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाना नहीं चाहता।

लेकिन कुछ ही देर बाद कतर पर हमला

हालांकि यह बयान आने के कुछ समय बाद ही कतर पर हमले की खबर सामने आ गई। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया। 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से ईरान अब तक इजराइल समेत मिडिल ईस्ट के करीब 13 देशों को निशाना बना चुका है। 

अमेरिका की चेतावनी आज होगा बड़ा हमला

इस बीच अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने Fox News को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन का लक्ष्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना होगा। 

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यमन में प्रदर्शन, अमेरिका-इजराइल के खिलाफ नारे

उधर Sanaa में भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। हूती समर्थकों ने ईरान और लेबनान के समर्थन में प्रदर्शन किया और इस दौरान अमेरिका और इजराइल के झंडे भी जलाए। इलाके में माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। 

ईरान का युद्धपोत भारत में रुका

इस जंग के बीच ईरान का एक युद्धपोत IRIS Lavan भारत के Kochi बंदरगाह पर रुका हुआ है।  सूत्रों के अनुसार 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और 4 मार्च को यह बंदरगाह पहुंच गया।इस युद्धपोत के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।