ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत ने ईरान को दवाइयां औ

ईरान-इजरायल जंग में भारत बना सहारा, मदद पहुंची तो तेहरान ने कहा- 'धन्यवाद दोस्त'

Relief Aids From India

मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच जब हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। तब भारत ने एक बार फिर अपनी पुरानी दोस्ती निभाई है। ईरान-इजरायल के बीच चल रही भीषण जंग के बीच भारत ने मानवीय मदद का हाथ बढ़ाया है।  इस मदद का तेहरान ने खुले दिल से उसका स्वागत भी किया है। दिलचस्प बात ये है कि जहां एक ओर मिसाइलें और ड्रोन हमले खबरों में हैं। वहीं, दूसरी ओर राहत सामग्री से भरे विमान भी बिना शोर के चुपचाप अपना काम कर रहे हैं। 

खतरनाक मोड़ पर जंग

ईरान और इजरायल के बीच चल रही यह जंग अब 19वें दिन में पहुंच चुकी है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि हर दिन नई खबर, नया हमला सामने आ रहा है। तेहरान में हाल ही में हुए हमले में ईरान के दो बड़े नेताओं की मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर मल्टी वॉरहेड मिसाइलें दागीं।

वहीं, खाड़ी क्षेत्र भी अब इस संघर्ष की चपेट में आता दिख रहा है। सऊदी अरब में मिसाइल इंटरसेप्ट की गई है। इसके साथ ही दुबई और दोहा में धमाकों की खबरें आईं। इतना ही नहीं बगदाद में अमेरिकी दूतावास को ड्रोन से निशाना बनाया गया।

बढ़ती मौतें, बिगड़ता मानवीय संकट

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत के मुताबिक इस पूरे संघर्ष में 1300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा इससे भी ज्यादा बताया जा रहा है। लेबनान में भी हालात अच्छे नहीं हैं। वहां हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच टकराव में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। 

भारत ने क्या भेजा ईरान को

इस मुश्किल समय में भारत ने जो मदद भेजी है, उसमें कई जरूरी चीजें शामिल हैं। इनमें जीवनरक्षक दवाइयां, मेडिकल उपकरण,सर्जिकल किट,एंबुलेंस से जुड़ा सामान, डॉक्टरों की टीम, सूखा राशन और जरूरी खाद्य सामग्री शामिल है। इन सबका मकसद जंग के बीच फंसे आम लोगों तक राहत पहुंचाना है। देश का यह कदम सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि भारत की मानवीय नीति का हिस्सा है।

तेहरान ने भारत का शुक्रिया किया

भारत की मदद के बाद ईरान के दूतावास ने सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भारतीयों के सहयोग की सराहना की है।  साथ ही एक अहम अपील भी की गई है। इसमें कहा गया है कि लोग सिर्फ आधिकारिक बैंक खातों के जरिए ही दान करें। दूतावास ने साफ कहा कि किसी भी अनौपचारिक क्यूआर कोड या यूपीआई लिंक पर भरोसा न करें, क्योंकि ऐसे मामलों में धोखाधड़ी का खतरा है।  धोखे पर उसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी।