बांग्लादेश चुनाव से पहले मोहम्मद यूनुस की कुर्सी खतरे में? विपक्ष ने बदली चाल
Bangaldesh Election: बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है और अब पूरा फोकस कार्यवाहक सरकार के प्रमुख यानी मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर आ गया है। विपक्षी दलों की ओर से उनकी जगह किसी नए व्यक्ति को लाने की मांग ने सियासी माहौल गर्मा दिया है। अगर विपक्ष की बात मानी जाती है तो चुनाव से पहले यूनुस की छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है।
दरअसल, बांग्लादेश में चुनावों के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक परंपरा रही है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी उस दौरान सत्ता में नहीं रहती। इसी उद्देश्य से एक कार्यवाहक सरकार बनाई जाती है जो पूरे चुनावी माहौल पर नजर रखती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस परंपरा को नजरअंदाज किया जा रहा है। खासकर मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में चुनाव उन्हीं की सरकार की निगरानी में कराए गए जिस पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए।
यूनुस की कुर्सी पर खतरा
अब जब कार्यवाहक सरकार ने ऐलान कर दिया है कि 2025 के अंत तक आम चुनाव कराए जाएंगे तो यह सवाल फिर से उठ खड़ा हुआ है कि क्या यूनुस इस जिम्मेदारी को निभाते रहेंगे या फिर किसी नए चेहरे को लाया जाएगा? बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी और एनसीपी जैसे बड़े विपक्षी दलों ने सरकार को दो प्रस्ताव सौंपे हैं जिनमें नए मुख्य सलाहकार की मांग की गई है।
इधर कार्यवाहक सरकार के मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने भरोसा दिलाया है कि चुनाव से जुड़ी सभी तैयारियां दिसंबर 2025 तक पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि 17,000 नए सुरक्षाकर्मियों की भर्ती की जा रही है और सेना को भी चुनाव में तैनात किया जाएगा ताकि निष्पक्षता बनी रहे।