विकास के दावों पर जनता की पड़ताल, सोशल मीडिया पर वायरल एक हैशटैग नेताओं को दे रहा खुला चैलेंज…
जब सड़कों पर गड्ढे हों, नालियां उफन रही हों, पार्क बदहाल हों, शहर-कस्बे-गांव गंदगी से सड़ रहे हो और नेता सिर्फ कागजों पर विकास का ढोल पीटते नजर आएं तब आम नागरिक क्या कर सकता है?
जवाब है: “#YeThikKarkeDikhao”
यह कोई साधारण ट्रेंड नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर उठी एक सटीक, तीखी और असरदार नागरिक आवाज है, जो अब धीरे धीरे अब एक आंदोलन का रूप ले रही है।
क्या है ट्रेंड का मकसद?
इस ट्रेंड की मूल भावना बेहद सीधी है: अगर आपके आसपास भी कोई टूटी सड़क, गड्ढा, खुली नाली, या जर्जर पार्क है या आपको लगता है कि कोई काम जो सरकार को करना चाहिए लेकिन सरकार इसे करने में विफल रही है। तो पहले अपने आस पास की उन जगह की तस्वीर लो जहां आपको परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है या कोई और परेशानी का सामना कर रहा है।
इसके बाद GPS से अपनी लोकेशन जोड़ो, स्थानीय विधायक/सांसद को टैग करो और #YeThikKarkeDikhao साथ अपने ट्वीटर अकाउंट पर पोस्ट करो। इस मुहिम का मकसद सिर्फ शिकायत करना नहीं है बल्कि नेताओं और प्रशासन को जमीन पर उतर कर काम करने को मजबूर करना है।
जिनको रील बनाने का शौक है वो रील के माध्यम से ,जो फोटोज अच्छी खींच लेते हैं वो फोटोज के माध्यम से,अपने अगल बगल गली मोहल्ले के खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर को कैमरे पर कैद करके , फेसबुक , इंस्टा , ट्विटर , जहां आपको सुविधा हो अपने नेता और अधिकारी को ये पॉजिटिव और सकारात्मक चैलेंज…
— खुरपेंच (@khurpenchh) July 1, 2025
कैसे शुरू हुआ #YeThikKarkeDikhao?
ट्विटर (अब X) पर @khurpenchh नाम के एक यूजर ने राजस्थान के सांसद और केंद्रीय युवा मामलों और खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ के क्षेत्र की टूटी हुई सड़क की तस्वीर साझा की। साथ में उन्होंने लिखा, "अब इसे ठीक करके दिखाओ।"
इस ट्वीट ने आग की तरह फैलने से पहले एक नया विवाद खड़ा कर दिया। राठौड़ ने ट्वीट को राजनीतिक एजेंडे के तहत बताया और इस पर नाराजगी जताई। लेकिन मामला वहीं नहीं रुका।
इसके बाद देशभर से नागरिकों ने गड्ढे, टूटी सड़कों, जर्जर पार्कों और सार्वजनिक समस्याओं की तस्वीरें डालनी शुरू कर दीं और नेता, विधायक व अधिकारियों को टैग करते हुए लिखा: “#YeThikKarkeDikhao”।
जहाँ लोग आज तक नाली और पानी की लाइन का सपना ही देखते थे, वहाँ अब खुदाई देखकर कुछ लोग ऐसे बौखलाए जैसे उनके सपनों की खुदाई हो गई हो।सड़क बनने से पहले सीवरेज, पानी और ड्रेनेज लाइन डाली जा रही है ताकि ये सड़क बार-बार आपकी राजनीति की तरह न टूटे।झोटवाड़ा की जनता समझदार है, आपके… https://t.co/ws4LXvsBNS
— Col Rajyavardhan Rathore (@Ra_THORe) June 28, 2025
कागज़ी विकास नहीं, जमीन पर बदलाव चाहिए
जहां आमतौर पर लोग शिकायत दर्ज करवा कर चुप हो जाते हैं, वहां यह ट्रेंड एक डिजिटल हथियार बनकर सामने आया है। यह साबित कर रहा है कि अगर आप "सही समय पर सही सवाल पूछें" तो जवाबदेही टाली नहीं जा सकती।
देश भर में कई जगह से वायरल हो रहे हैं वीडियो
#YeThikKarkeDikhao हैशटेक के साथ जो वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं उन्हें देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार की लापरवाही से ना जाने कितने आम लोग रोजना परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
ये वीडियो बहुत ही गंभीर हकीकत बयां कर रहे हैं कि कैसे चुनाव से पहले जनता से किए गए वादे सिर्फ कागजों में पूरे हो जाते हैं और जमीनी हकीकत कितनी अलग दिखाई देती है।
आइए समझते हैं इन फोटोज के माध्यम से कि सरकारी ठेकेदार अपने घर में 24 कैरेट के स्विचेस कैसे लगवाते हैं। pic.twitter.com/eYmgec21nn
— खुरपेंच (@khurpenchh) July 2, 2025
अरे ओ कालिया ! बहुत नाइंसाफ़ी है रे,350 बच्चों पे सिर्फ एक शिक्षक वो भी PT वाले?नेता,अधिकारी इन स्कूलों में अपने बच्चे भेजकर बतायें,वरना इन स्कूलों की हालत ठीक करके दिखायें ।📍चौहटन विधानसभा, बाड़मेर।#yethikkarkedikhao pic.twitter.com/scI7ZGqdF3
— खुरपेंच (@khurpenchh) July 2, 2025
Uniform पहनी है स्कूल की, लेकिन रास्ता दिख रहा है BSF ट्रेनिंग वाला!#yethikkarkedikhao pic.twitter.com/elvt3vw0SQ
— खुरपेंची ढांचे (@Khurpenchinfra) July 3, 2025
रुकिए! और इस वीडियो को ध्यान से सुनिए और देखिए , लोगों की उम्मीद मेनस्ट्रीम मीडिया से खत्म हो रही है और उनका विश्वास छोटे ट्विटर हैंडल्स पर बढ़ रहा है , #yethikkarkedikhao कैंपेन गांव और कस्बों तक पहुंच रही है और लोग पूरे उत्साह और जोश के साथ इसमें हिस्सा ले रहे हैं, अपने… pic.twitter.com/vgNmGCRZB2
— खुरपेंच (@khurpenchh) July 3, 2025
ठेकेदारों , बबुओं और मंत्रालय में ख़ुशी की लहर, फिर से टैक्स के पैसे खाने का मिलेगा मौका !!#yethikkarkedikhao pic.twitter.com/RMRpZmryam
— खुरापात (@KHURAPATT) July 3, 2025
बिहार के माननीय मंत्री जी का पंचायत बना पर्यटन का केंद्र, विदेश से भी लोग आ रहे हैं इसे देखने के लिए#yethikkarkedikhao pic.twitter.com/Gadhwe3mpE
— छपरा जिला 🇮🇳 (@ChapraZila) July 2, 2025
क्या यह ट्रेंड असरदार साबित होगा?
इस ट्रेंड के बाद कई सवाल उठे हैं:
- क्या विधायक और सांसद जवाब देंगे?
- क्या तस्वीरों और वीडियो का दबाव प्रशासन को काम पर लगाएगा?
- और सबसे जरूरी क्या यह सोशल मीडिया पर सामने आ रही सच्चाई से जमीनी बदलाव की शुरुआत होगी?
कंस्ट्रक्टिव ट्रोलिंग का जन्म?
इस ट्रेंड को कई पत्रकारों और टिप्पणीकारों ने "सबसे सकारात्मक ट्रेंड" बताया। लल्लनटॉप के सौरभ त्रिपाठी ने भी ट्रेंड का समर्थन किया है।
#YeThikKarkeDikhao आज सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि जनता की हक की मांग बन चुका है। यह वह मंच है, जहां शिकायत नहीं बल्कि सवाल उठता है, और जवाब मांगा जाता है।
क्योंकि अब वक्त आ गया है कि नेताओं से कहा जाए
“विकास दिखाओ, वादे नहीं।”
“ये ठीक करके दिखाओ।”